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खान सर को पटना कोर्ट से बड़ी राहत, फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक

खान सर को पटना कोर्ट से बड़ी राहत, फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर लगी रोक
राष्ट्रीय
09 Jun 2026, 02:12 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Khan Sir Firing Case: पटना में खान सर की कोचिंग पर फायरिंग के मामले में मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने खान सर को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले आदेश तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की ठोस और दंडात्मक कार्यवाही करने पर रोक लगा दी है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पटना में कुछ दिनों पहले खान सर के कोचिंग सेंटर और रोशन आनंद के ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के बीच मतभेद और विवाद के चलते ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्रों ने सड़क पर उतारकर खान सर और उनकी कोचिंग के खिलाफ नारेबाज़ी की और विरोध प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के दौरान खान सर की कोचिंग के बाहर फायरिंग हुई।

पहले आरोप लगा कि फायरिंग ज्ञान बिंदु की तरह से हुई, लेकिन बाद में विडियो जारी होने के बाद स्पष्ट हुआ कि फायरिंग खान सर की कोचिंग के गार्ड्स ने की थी, जो संभवतः खान सर के कहने पर हुई थी। इसके बाद 2 जून को वायरल विडियो के आधार खान सर के खिलाफ FIR दर्ज हुई और उनकी गिरफ़्तारी के कयास शुरू हुए।

आखिर में पुलिस ने गोली चलाने वाले 2 गार्ड्स को हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। गार्ड्स ने भी कबूला की उन्होंने ही गोली चलाई थी।

क्या दलील दी खान सर के वकील ने

खान सर के वकील ने दलील दी कि फायरिंग की घटना में खान सर का कोई हाथ नहीं है। छात्रों की भीड़ कोचिंग पर चढ़ाई करने की तैयारी में थी। ऐसे में गार्ड्स ने सेल्फ डिफेन्स में गोली चलाई। फायरिंग का उद्देश्य डर फैलाना नहीं था। साथ ही कहा कि आर्म्स एक्ट खान सर पर लागू नहीं होता क्योंकि ना ही इनके पास हथियार है, ना ही इन्होंने फायरिंग की। जिन गार्ड्स ने गोली चलाई, वे भी थर्ड पार्टी सिक्यूरिटी सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी से लिए गए थे। खान सर निजी तौर पर उन्हें नहीं जानते हैं।

क्या रहा कोर्ट का फैसला

कोर्ट ने सुनवाई के बाद खान सर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें अंतरिम राहत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि जाँच अधिकारी मामले में पूछताछ और पड़ताल के लिए उनसे सवाल-जवाब कर सकते हैं, लेकिन उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर, दबावपूर्ण या दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जा सकती है। यह छूट अंतरिम राहत मिलने तक रहेगी। मामले में अगली सुनवाई 20 जून को होगी।


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