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बीकानेर के पीबीएम हाॅस्पिटल में 6 प्रसूताओं की किडनी खराब, सभी का आईसीयू में चल रहा इलाज, कोटा में भी 4 महिलाओं की हुई थी मौत

बीकानेर के पीबीएम हाॅस्पिटल में 6 प्रसूताओं की किडनी खराब, सभी का आईसीयू में चल रहा इलाज, कोटा में भी 4 महिलाओं की हुई थी मौत
राजस्थान
09 Jun 2026, 05:11 pm
रिपोर्टर : Rakesh Choudhary

Bikaner PBM Hospital: बीकानेर के पीबीएम हाॅस्पिटल से बड़ी खबर सामने आई है। यहां जनाना वार्ड में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी खराब हो गई। इसके बाद सभी महिलाओं को आईसीयू में भर्ती कराकर डायलिसिस शुरू कराया गया। जबकि फलोदी की प्रीति की हालत गंभीर है फिलहाल वह वेंटिलेटर पर है। जानकारी के अनुसार सभी प्रसूताओं की 10-15 दिन पहले सीजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद सभी महिलाओं में यूरिन रुकने, प्लेटलेट्स कम होने और किडनी फेल होने जैसे लक्षण देखे गए। सभी की उम्र 20 से 27 के बीच है। महिलाओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद हाॅस्पिटल प्रशासन और मेडिकल काॅलेज में हड़कंप मच गया है।

मामले की जानकारी के बाद जोधपुर से माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञों की टीम बीकानेर पहुंच रही है। जो जनाना विंग और ऑपरेशन थिएटर समेत अलग-अलग जगहों से सैंपल लेकर जांच करेगी। हाॅस्पिटल प्रशासन पर शुरुआत में मामले को दबाने और लीपापोती के आरोप लग रहे हैं। हालांकि अब मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुरेंद्र वर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए डाॅक्टरों की कमेटी बनाई है।

डाॅक्टर बता रहे कुछ और वजह

वहीं इस पूरे मामले पर अभी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पीबीएम हाॅस्पिटल की अधीक्षक डाॅ. घीया ने कहा कि जनाना हाॅस्पिटल का निरीक्षण कर सभी मरीजों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रसूताओं की किडनी खराब कई कारणों से हो सकती है ऐसे में हमने अत्याधुनिक इन्फेक्शन डिटेक्टर मशीन लगाई जा रही है। ऐसे में सभी की नजर डाॅक्टरों की कमेटी जो इस मामले की जांच के बाद रिपोर्ट हाॅस्पिटल के अधीक्षक को सौंपेगी।

कोटा में हुई थी 4 प्रसूताओं की मौत

बता दें कि इससे पहले कोटा के सरकारी हाॅस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की हालत खराब हो गई थी। इसमें से 4 प्रसूताओं की तो मौत हो गई थी जबकि 2 की हालत काफी नाजूक थी। कोटा में भी प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई थी। वहीं बीकानेर में भी प्रसूताओं की किडनी फेल हुई है। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह है कि सरकार का अगला कदम क्या होता है?

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