मस्जिद ढहाने पर मुस्लिम संगठन ने दी जनआंदोलन की चेतावनी, मंदिर तोड़ने पर सभी शांत

Jaipur Noorani Mosque: जयपुर के जगतपुरा में नूरानी मस्जिद समेत 5 धार्मिक ढांचों पर बीते दिन JDA ने जो कार्रवाई की है उससे मुस्लिम संगठनों में काफी उबाल है। नूरानी मस्जिद कमेटी ने अब इसके विरोध में जनआंदोलन की चेतावनी दे दी है। मस्जिद कमेटी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि कहा कि जो बातें ये फैलाई जा रही हैं कि मस्जिद अवैध निर्माण थी, ये सरासर गलत है। मस्जिद 1981 में बकायदा जमीन खरीदकर बनाई गई थी। अब आने वाले जुमे की नमाज पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे।
'हमारे पास सारे कागज फिर भी JDA नहीं माना'
कमेटी ने कहा कि उनके पास जमीन की खरीद के कागज, वक्फ रिकॉर्ड, पट्टे, लैंड यूज परिवर्तन सब कुछ मौजूद है। प्रशासन के सामने उन्होंने ये सब रखे। JDA को कुछ वक्त इंतजार करने को कहा गया था क्योंकि वक्फ ट्रिब्यूनल में नूरानी मस्जिद को लेकर 10 जून को सुनवाई होनी थी। लेकिन JDA ने बिल्कुल भी इंतजार नहीं किया और तुरंत ये कार्रवाई कर दी।
इधर राजस्थान मुस्लिम फोरम ने भी इधर कहा कि कमेटी को अपना पक्ष रखने का समय ही नहीं दिया गया। JDA ने दबाव में कर जल्दबाजी में ये कार्रवाई की है।
ये कौम डरने वाली नहीं- MLA रफीक खान
बीते दिन कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा था कि हम जयपुर का माहौल खराब नहीं होने देंगे। ये बात आप लिखकर ले लो। गंगा-जमुनी तहजीब से ही काम होगा। हम अपनी बात प्रशासन के सामने रखेंगे, कोर्ट-कचहरी के सामने रखेंगे। ये कौम डरने वाली नहीं है, इतनी पुलिस रखकर ये हमें डराना चाहते हैं। कोई नहीं डरेगा आपसे।
रफीक खान ने ये भी कहा था कि अगर वो ये सोचते हैं कि ये डर दिखाकर आप मस्जिद भी गिरा लोगे तो बता दूं कि ये ऐसी कौम है जो ये मानती है कि एक मस्जिद गिरेगी तो 10 मस्जिद बनेंगी। हम किसी भी सूरत में हौंसला भी जिंदा रहेंगे और कानून में दायरे में रहकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे। रफीक खान ने कहा कि राजस्थान को ये यूपी बनाना चाहते हैं। लेकिन राजस्थान के लोग समझदार हैं ये यूपी नहीं बनने देंगे।
क्या था मामला?
जगतपुरा क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर सड़क 30 फीट की है। यहां पर आए दिन जाम जैसे हालात बनते हैं। सड़क संकरी होने के चलते कभी-कभी तो दो गाड़ी एख साथ निकल भी नहीं पातीं। जयपुर विकास प्राधिकरण यानी JDA ने इस सड़क को चौड़ा करने का मास्टरप्लान साल 2000 में ही दिया था। इस योजना में कई जयपुर में विकास के लिए बनाए गए मास्टर प्लान में सड़क को 80 फीट चौड़ा करने की योजना भी शामिल है।
इस योजना के दायरे में 5 धार्मिक प्रतिष्ठान हैं। इनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल है। 22 मई को इन प्रतिष्ठानों को हटाने का नोटिस JDA ने जारी कर दिया था। मस्जिद की बात आते ही नूरानी मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समाज ने बैठक की और JDA की इस कार्रवाई का विरोध जताया था। उनका कहना है कि JDA की ये कार्रवाई तर्कसंगत नहीं है ये गलत है। मस्जिद 1981 से यहां पर है और जमीन खरीद कर इसे बनाई गई है।
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