Shocking OnlyFans Ranking: भारतीयों ने 2025 में OnlyFans पर उड़ाए ₹1168 करोड़, पिछले साल की तुलना में 40% उछाल, Adultery पर भटकते युवा

OnlyFans India 2025: क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे विवादास्पद एडल्ट कंटेंट के प्लेटफॉर्म OnlyFans पर भारतीय यूजर्स ने 2025 में कितना पैसा उड़ाया? चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने साल 2025 में OnlyFans पर एडल्ट कंटेंट देखने के लिए $130 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1168 करोड़) खर्च किए, जो पिछले साल से लगभग 40% ज्यादा है। ये आंकड़े OnlyGuider की 'OnlyFans Wrapped 2025' रिपोर्ट से आए हैं, जो प्लेटफॉर्म की ग्लोबल ट्रेंड्स का विश्लेषण करती है।
क्या है OnlyFans
OnlyFans एक सब्सक्रिप्शन बेस्ड ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जहाँ क्रिएटर्स- जैसे टीचर, मॉडल, फिटनेस ट्रेनर, संगीतकार या इन्फ्लुएंसर अपना एक्सक्लूसिव कंटेंट, जैसे फोटोग्राफ्स, वीडियो और लाइव स्ट्रीम को सब्सक्रिप्शन के बदले ऑडियंस के साथ शेयर करते हैं। यूजर्स हर महीने फीस देकर क्रिएटर की कंटेंट देख सकते हैं, टिप दे सकते हैं या पेड मैसेज कर सकते हैं। हालाँकि, इस प्लेटफार्म की शुरुआत सामान्य कंटेंट के लिए हुई थी और इस पर कई तरह के क्रिएटर्स मौजूद हैं, लेकिन आज के समय में यह मुख्य रूप से एडल्ट कंटेंट के लिए फेमस हो चुका है। इस वक़्त प्लेटफार्म का एक बड़ा हिस्सा एडल्ट कंटेंट से भरा हुआ है, जिसे लोग पैसे देकर देखते हैं।
(Indian Youth Adult Content Addiction) इस तेज ग्रोथ ने भारत को एशिया-पैसिफिक रीजन में ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा रेवेन्यू सोर्स बना दिया है। ग्लोबल लेवल पर कुल खर्च के हिसाब से भारत 11वें स्थान पर पहुंच गया है। मतलब भारत ने सिर्फ एक प्लेटफार्म पर एडल्ट कंटेंट देखने के लिए रुपये खर्च करने के मामले में दुनियाभर में 11 रैंक पायी है। दूसरे प्लेटफार्म की तो अभी बात भी नहीं कर रहे हैं। इसी के साथ ही, पिछले साल की तुलना में भारतीयों ने इस साल लगभग 40% ज्यादा रूपया खर्च किया है, जो पूरे विश्व में सबसे ज्यादा है। वजह - भारत की बड़ी आबादी और बढ़ता डिजिटल एक्सेस। हालांकि प्रति व्यक्ति खर्च (Per Capita Expenditure) अभी भी कम है (लगभग 912 डॉलर प्रति 10,000 व्यक्ति), लेकिन जनसंख्या का स्केल इतना बड़ा है कि छोटी-मोटी बढ़ोतरी भी करोड़ों में बदल जाती है।
रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट की पहुंच, मोबाइल पेमेंट्स और इन्टरनेट प्राइवेसी की वजह इस ट्रेंड को बहुत बड़ा बूस्ट मिला है। जहां अमेरिका जैसे देशों में ग्रोथ स्थिर है, वहीं उभरते बाजार जैसे भारत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
यह ट्रेंड डिजिटल कंटेंट की बदलती दुनिया को दिखाता है, लेकिन सवाल भी उठाता है कि आज के समय में क्या यही मनोरंजन की नई परिभाषा है। ये आंकड़े गहरी चिंता भी पैदा करते हैं। जहां भारत के युवा को शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, करियर और राष्ट्र निर्माण पर फोकस करके आगे बढ़ना चाहिए, वहां बड़ी तादाद में वो इस तरह की डिजिटल लत और एडल्ट कंटेंट में फंसकर अपना कीमती समय, ऊर्जा और पैसा बर्बाद कर रहे हैं। ये न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि सामाजिक स्तर पर नैतिक मूल्यों को भी कमजोर कर रहा है। ऐसा कंटेंट और ऐसे प्लेटफार्म की ग्रोथ युवाओं को भटका रही है। क्या ये ट्रेंड देश के भविष्य के लिए खतरे की घंटी नहीं है?
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