TUE, 10 FEBRUARY 2026

लाल रोशनी से नहाया Laddakh का आसमान: हानले में दिखी दुर्लभ रेड ऑरोरा, लेकिन वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, क्यों?

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29 Jan 2026, 07:18 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

ऊपर आप ये तस्वीर देख रहे हैं। काफी कुछ ऑरोरा लाइट्स से मिलती है ना। बस, फर्क सिर्फ इतना सा है कि इसका रंग हरे की जगह लाल है।


Hanle Red Aurora Ladakh: आम तौर पर अगर किसी को ऑरोरा लाइट्स देखनी हो, तो उसके लिए उन्हें नॉर्वे, स्वीडन, आइसलैंड या अलास्का जाना पड़ेगा। लेकिन हाल ही में, भारत में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। सुनने में ये भले ही अच्छा लगे, लेकिन आसमान में लाल रंग का फ़ैल जाना खतरे का संकेत दे रहा है। और मैं किसी अन्धविश्वास की बात नहीं कर रहा, ये वैज्ञानिकों का कहना है।


19 और 20 जनवरी की रात लद्दाख के हानले इलाके में आसमान अचानक खून जैसी लाल रोशनी से भर गया। आमतौर पर यहां खुला आसमान, चमकते तारे और गैलेक्सी के अद्भुत नज़ारे दिखते हैं, लेकिन इस बार यहाँ एक दुर्लभ और खूबसूरत घटना घटी - लाल ऑरोरा लाइट्स। यह नजारा दूर से नॉर्थर्न लाइट्स जैसा लग रहा था, मगर रंग गहरा लाल था। (ladakh northern lights)

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह खूबसूरत सी दिखने वाली रौशनी खतरे का संकेत है। 18 जनवरी को सूर्य पर X-Class Solar Flare ब्लास्ट हुआ था, जिसके साथ एक शक्तिशाली Coronal Mass Ejection (CME) धरती की तरफ आया। यह सूर्य की गैस और मैग्नेटिक एनर्जी का एक बड़ा बादल था, जो बहुत तेज़ी के साथ पृथ्वी तक पहुंचा और इसकी मैग्नेटिक फील्ड से टकराया। इसके नतीजतन एक G4 लेवल का Geomagnetic Storm आया, जो Astro-Science में गंभीर श्रेणी में आता है।


आम तौर पर किसी और जगह पर इसका रंग भी हरा ही नज़र आता, लेकिन लद्दाख lower latitude पर स्थित है, इसलिए हमें ऑरोरा लाइट्स का ऊपरी हिस्सा नज़र आया, जो लाल रंग का दिखा। भारतीय खगोल संस्थान ने इसकी तस्वीरें जारी कीं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं।


वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसे सौर तूफान अब बढ़ सकते हैं। ऐसे तूफानों की वजह से बिजली ग्रिड में करंट के झटके, बड़े ब्लैकआउट, सैटेलाइट्स का ऑर्बिट बिगड़ना, GPS और नेविगेशन सिस्टम खराब होना, बैंकिंग-वित्तीय सेवाओं पर असर और रेडिएशन का जोखिम जैसी कई समस्याएँ हो सकती है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने के लिए भी शेल्टर लेना पड़ेगा। भारत का आदित्य-L1 मिशन ऐसे तूफानों की पहले से जानकारी दे सकता है।


यह घटना बताती है कि स्पेस में होने वाली घटनाएँ हमारे लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है। आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं, इसलिए सतर्कता जरूरी है।


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