अचानक दिल की धड़कन तेज हो जाए और सांस फूलने लगे – ये पैनिक अटैक हो सकता है! महिलाओं में इसका ज्यादा खतरा, जानिए कैसे बचें

क्या कभी आपको ऐसा लगा है कि किसी चीज़ का ख्याल आते ही आपके हाथ कंपकंपाने लगे हों? आपका शरीर अचानक से ठंडा पड़ जाए और आपको सांस लेने में परेशानी होने लग जाए, इतनी कि आपको लगने लगे कि आपका दिल रुक जाएगा। तो ये शायद एंग्जायटी या पैनिक अटैक के लक्षण हो सकते हैं।
क्या होते हैं पैनिक अटैक के कारण? (Panic Attack Reasons)
इसके दो कारण होते हैं -
- फिजियोलॉजिकल – अस्थमा, जेनेटिक्स, पारिवारिक इतिहास, आदि।
- साइकोलॉजिकल – बहुत ज्यादा स्ट्रेस, टेंशन या दबाव लेने से।
पैनिक अटैक क्या होता है? (What is Panic/Anxiety Attack)
पैनिक अटैक लगातार होने वाले स्ट्रेस, मानसिक समस्या या किसी डर की वजह से अचानक से उठने वाली एक तरह की समस्या है। यह एक प्रकार का तनाव है, जो अचानक से होता है और इसमें व्यक्ति को लगता है कि वह अपने नियंत्रण से बाहर हो रहा है। माना जाता है कि एंग्जायटी अटैक किसी तनावपूर्ण परिस्थिति जैसे किसी खास की मौत, घर की परेशानी या किसी बहुत बड़ी टेंशन से भी हो सकता है। ऐसे में एंग्जायटी से निपटना एक चुनौतीपूर्ण यात्रा हो सकती है, लेकिन इस समस्या का इलाज संभव है। कई लोग सही से ट्रीटमेंट और थेरेपी लेने पर एंग्जायटी से राहत पा सकते हैं।
कितने तरह का होता है एंग्जायटी डिसऑर्डर? (Types of Anxiety Disorder)
मनोविज्ञान के आधार पर पैनिक एक तरह का डिसऑर्डर है, जिसे तीन हिस्सों में बांटा गया है।
- जनरल एंग्जायटी डिसऑर्डर
- पैनिक डिसऑर्डर
- फोबियाज (Phobia)
एंग्जायटी अटैक के मुख्य लक्षण (Panic/Anxiety Attack Symptoms)
- दिल की धड़कनें तेज होना
- हाथ-पैर ठंडे पड़ना
- सांस लेने में कठिनाई
- बोलने में दिक्कत
- पसीना आना
- चक्कर आना
एंग्जायटी अटैक का इलाज (Panic/Anxiety Attack Treatment)
अगर आपको भी बार-बार एंग्जायटी अटैक होते हैं, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। आप इसको खत्म करने के लिए अच्छे मनोवैज्ञानिक से सलाह या थैरेपी ले सकते हैं। इसके अलावा, अगर आप कभी भी पैनिक अटैक महसूस करते हैं, तो घबराने के बजाय धीरे, लंबी और गहरी साँसें लें।
दूसरा तरीका ये भी है कि आप ठंडे पानी से मुँह धोएँ।
डॉक्टर के बताए रूटीन और ट्रीटमेंट फॉलो करें।
औरतों में इसके लक्षण आदमियों के मुकाबले ज्यादा होते हैं? (Panic Attack In Women)
क्या आप जानते हैं कि हर 3 में से 1 महिला पैनिक डिसऑर्डर का शिकार होती है। यही नहीं, रिपोर्ट्स बताती हैं कि लगभग 30% महिलाओं में एंग्जायटी अटैक के खतरे आदमियों के मुकाबले ज्यादा हैं। इसका कारण स्ट्रेस को लेकर ज्यादा सेंसिटिविटी, हॉर्मोनल उतार-चढ़ाव और सामाजिक दबाव होता है।
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कंटेंट - एकता शर्मा
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