सर्दियों में पानी कम पीना क्यों खतरनाक है? जानिए डिहाइड्रेशन के कारण, लक्षण और बचाव के 7 आसान उपाय

सर्दी का मौसम आते ही ज्यादातर लोग पानी पीना कम कर देते हैं। गर्मी में बार-बार प्यास लगती है, इसलिए बोतल हाथ से नहीं छूटती। लेकिन ठंड में न पसीना आता है, न प्यास महसूस होती। यही पर डिहाइड्रेशन शुरू होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) भी कहते हैं कि मौसम चाहे कोई भी हो, शरीर को रोज़ाना 2.5–3 लीटर पानी की जरूरत पड़ती है। फिर सर्दियों में पानी पीना कम क्यों हो जाता है? आइए विस्तार से समझते हैं।
ठंड में प्यास क्यों कम लगती है?
सर्दियों में बाहर का तापमान कम हो जाता है। इस वजह से शरीर का टेम्परेचर रेगुलेशन सिस्टम ज्यादा काम नहीं करता, जिससे शरीर में पसीना कम आता है। वजह- ताकि शरीर में गर्मी बनी रहे। क्योंकि गर्मियों में पीये हुए पानी का बड़ा हिस्सा पसीने के रूप में बाहर निकलता है, इसलिए, सर्दियों में पसीना न आने से शरीर को पानी की कमी महसूस नहीं होती। नतीजतन, पानी की कमी बताने वाला “प्यास का अहसास” दब जाता है। यानी शरीर को पानी चाहिए होता है, लेकिन अलार्म नहीं बजता।
सर्दियों में क्यों बढती है पानी की खपत?
• रूखी हवा: सर्दियों में हवा में नमी कम हो जाती है। फेफड़े हर साँस के साथ ज्यादा पानी बाहर निकालते हैं। इसे “इनसेन्सिबल वॉटर लॉस” कहते हैं। एक सामान्य व्यक्ति ठंड में बिना नोटिस किए 500–700 मिली पानी सिर्फ साँस से खो देता है।
• हीटर और रूम हीटर: ठण्ड से बचने के लिए हम घर में हीटर तो लगा लेते हैं, लेकिन ये कमरों की हवा को और सूखा बनाते हैं। इसके कारण त्वचा से नमी तेजी से उड़ती है।
• गर्म ड्रिंक्स: ठण्ड में गर्मी बनाये रखने के लिए हम चाय-कॉफ़ी ज्यादा पीने लगते हैं। थोड़ी गर्मी तो मिल जाती है, लेकिन ये डाइयुरेटिक होती हैं, यानी शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी को बाहर निकालती हैं। नतीजा — डिहाइड्रेशन और बढ़ता है।
• शारीरिक गतिविधि कम: ज्यादातर लोग सर्दी में घर में दुबके रहते हैं, लेकिन शरीर को गर्म रखने के लिए मेटाबॉलिज्म तेज़ी से काम करता रहता है। मेटाबॉलिज्म प्रोसेस में भी पानी की खपत होती है। इसके लिए भी पानी चाहिए।
डिहाइड्रेशन के लक्षण जो सर्दी में नजरअंदाज हो जाते हैं
• गहरे पीले रंग का पेशाब (सबसे सटीक संकेत)
• बार-बार सिर दर्द और चक्कर आना
• त्वचा का रूखापन और होंठ फटना
• कब्ज की शिकायत बढ़ना
• थकान और फोकस में कमी
सर्दियों में डिहाइड्रेशन से बचने के 7 आसान उपाय
1. सुबह उठते ही 2 गिलास गुनगुना पानी पिएं।
2. हर 1–1.5 घंटे में 1 गिलास पानी जरूर पिएं — अलार्म लगा लें।
3. चाय-कॉफ़ी के साथ एक गिलास सादा पानी जरूर लें।
4. निम्बू पानी, सौंफ का पानी, अदरक वाला पानी — स्वाद बदल-बदल कर पिएं।
5. सूप, दाल, रसम — तरल पदार्थों को डाइट में शामिल करें।
6. रात को सोने से पहले और बिस्तर के पास पानी की बोतल रखें।
7. पेशाब का रंग चेक करें — हल्का पीला या पारदर्शी होना चाहिए।
सर्दी में ठंड से बचने के लिए हम स्वेटर, हीटर तो इस्तेमाल करते हैं, लेकिन शरीर के अंदर की नमी को नजरअंदाज कर देते हैं। कम पानी पीना कोई छोटी आदत नहीं। यह धीरे-धीरे किडनी स्टोन, यूरिनरी इन्फेक्शन, जोड़ों के दर्द और इम्यूनिटी कमजोर करने का कारण बन सकता है। इसलिए सर्दी में ज़रुरत के हिसाब से पूरा पानी पियें।
पानी जीवन के लिए ज़रूरी है। इसलिए मौसम कोई भी हो, इसे कभी कम न होने दें।
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