THU, 15 JANUARY 2026

दिल्ली में भीड़ ने दोहराई ‘चौमूं स्क्रिप्ट’, मस्जिद के पास हटाया कब्जा तो पुलिस पर की पत्थरबाज़ी

news image
दिल्ली
07 Jan 2026, 02:03 pm
128 देखें
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Delhi: दिल्ली की सड़कों पर वो हुआ, जो चौमूं में हुआ था। यानी पुलिस पर धर्म विशेष के लोगों का पथराव औऱ हिंसा। मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस पर भीड़ ने पथराव कर दिया। इस घटना ने कुछ दिन पहले जयपुर में हुई चौमूं हिंसा की याद दिला दी। दिल्ली में 6 जनवरी की आधी रात 1 बजे रामलीला मैदान के पास फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अवैध कब्जों पर प्रशासन और पुलिस का बुलडोजर चला। 10 से ज़्यादा बुलडोजर, 15 से ज्यादा JCB मशीनें, 70 से ज्यादा डंपर और हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं। इनके अलावा 9 जिलों के DCP सड़क पर खड़े थे। क्योंकि इलाके में तनाव चरम पर था। फिर जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई वैसे ही भीड़ जमा होने लगी और नारेबाजी तेज हो गई और फिर शुरुआत हुई पत्थरबाजी की। हालांकि पुलिस ने कई लोगों को दंगा भड़काने और पत्थरबाजी के आरोप में गिरफ्तार भी किया है।


दंगाई भीड़ को बमुश्किल पुलिस ने किया काबू


दरअसल तुर्कमान गेट की तरफ मस्जिद के पास बैरिकेडिंग लगाई गई थी। लेकिन भीड़ ने उस पर धावा बोल दिया। ऐसे में हालात बेकाबू देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। जैसे आंसू गैस, स्मोक बुलेट जिससे पूरा इलाका धमाकों जैसी आवाजों से गूंज उठा। पुलिस ने पूरे इलाके की ड्रोन कैमरे से रियल-टाइम निगरानी शुरू कर दी है। RAF की तैनाती कर दी है। वहीं पथराव करने वालों की पहचान भी शुरू हो गई है।

इस पूरे मामले को लेकर ज्वाइंट CP मधुर वर्मा ने साफ कहा कि ये कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई है। जो भी उपद्रव में शामिल था। चाहे वो स्थानीय हो या बाहरी, उसे बख्शा नहीं जाएगा।










मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण का है मामला


दरअसल MCD की जांच में सामने आया था कि सरकारी जमीन पर अनुमोदित नक्शे के बिना मस्जिद के पास 0.195 एकड़ जमीन पर बने ढांचे अवैध हैं। साथ ही, बारात घर और दवा की दुकान गैर-कानूनी तरीके से चल रही थीं। जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि इन्हें हटाया जाए। लेकिन 22 दिसंबर 2025 के MCD के इस आदेश को फैज-ए-इलाही मस्जिद की प्रबंधन समिति ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने MCD को तुर्कमान गेट के पास रामलीला ग्राऊंड से पास करीब 38 हजार 9 सौ 40 वर्ग फुट की जमीन से अतिक्रमण हटाने को कहा। जिसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग और निजी क्लिनिक शामिल है। लेकिन मस्जिद का कहना है कि ये जमीन वक्फ संपत्ति में आती है। इसके लिए वो वक्फ बोर्ड को लीज किराया दिया करती है। मस्जिद प्रबंधन ने कहा था कि उसे अतिक्रमण हटाने पर आपत्ति नहीं है। आपत्ति उन्हें कब्रिस्तान को लेकर है।






दिल्ली हाईकोर्ट में है ये केस, मस्जिद ने कहा- ये वक्फ संपत्ति


इसके बाद 6 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली मस्जिद की इस याचिका पर नोटिस दिया। कोर्ट ने MCD, शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली वक्फ बोर्ड समेत संबंधित विभागों से जवाब मांगा। लेकिन जवाब देने से पहले ही भीड़ ने पुलिस को पत्थरों से जवाब दे दिया।


चौमूं की तर्ज पर हुआ दिल्ली में हमला


ये पूरी घटना ठीक उसी तर्ज पर है जैसे जयपुर के चौमूं में हुआ था। यानी अगर अतिक्रमण हटाया तो तोड़फोड़ करेंगे, पुलिस आई तो पत्थरबाजी करेंगे। यही ‘स्क्रिप्ट’ दिल्ली में दोहराई गई। चौमूं में भी मस्जिद के पास पत्थर हटाने को लेकर आधी रात को मुस्लिम समुदाय की भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी थी। जिसमें एक पुलिसकर्मी का तो सिर फट गया था और 5-6 कर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद दंगा करने वाले 125 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और तो और दंगाइयों के घरों को चुन-चुन कर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया था। जांच में इलाके के 70 से ज्यादा घरों की छतों पर बोतलें और पत्थर मिले थे।


इस लिंक को शेयर करें

ads
लेटेस्ट खबरें
ads
© 2025 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.