Land For Job Case: लालू-राबड़ी-तेजस्वी समेत 41 पर चलेगा ट्रायल, जमीन के बदले नौकरी मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

Land For Job Case: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के परिवार सहित 41 आरोपियों पर ट्रायल चलाने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने पेश हुए सबूतों को पर्याप्त मानते हुए आरोप तय कर दिए। इस केस में राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव भी आरोपी बनाए गए हैं।
52 लोगों को राहत, 41 पर जारी रहेगी कार्रवाई
सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने पेश किए गए दस्तावेज और गवाहों को विश्वसनीय मानते हुए 52 लोगों को बरी कर दिया गया। वहीं लालू परिवार समेत 41 लोगों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(d) के तहत मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत के इस फैसले के बाद RJD परिवार की कानूनी चुनौतियों में इजाफा हो गया है।
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपितों ने संगठित तरीके से साजिश रची और निजी लाभ के लिए सरकारी सिस्टम का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी नौकरियों को सौदेबाजी का जरिया बनाया।
क्या है लैंड फॉर जॉब मामला?
यह केस 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। CBI के मुताबिक इस अवधि में रेलवे में नौकरी देने के बदले कई उम्मीदवारों के परिवारों से जमीन ली गई। कई भूखंड सीधे लालू परिवार या उनसे जुड़े लोगों को ट्रांसफर कर दिए गए थे।
CBI ने चार्जशीट में आरोप लगाया था कि नौकरी के बदले जमीन लेने का ये केस बहुत ही सुनियोजित तरीके से चलाया गया और इसमें कई लोग शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अदालत ने 41 आरोपियों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।
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