Empathy Walk: क्या है एंपैथी वॉक जो अकेले पन में लोगों को दे रही शांति?

Empathy Walk: क्या आपने कभी खुद को भूलकर किसी और के नज़रिए से दुनिया देखी है? नहीं ना! हम अक्सर दूसरों की बातों को महत्त्व देना भूल जाते हैं। हमें लगता है कि दुनिया की सारी परेशानी सिर्फ हमारे ही सिर पर है। जिसकी वजह से आपसी मनमुटाव, झगड़े और दूरियां बढ़ने लगती हैं। लेकिन रिश्तों की इस तकरार को कम करने के लिए अपनाए एंपैथी वॉक, क्योंकि कहते हैं ना कि हर बात को दिमाग से कहना ज़रूरी नहीं, कुछ बातें दिल की होती है जिन्हें आंखों से कह देनी चाहिए।
Empathy Walk से क्या होता है?
एम्पैथी वॉक (Empathy Walk) सामान्य वॉक की तरह ही है। जिसमें आप अपने पार्टनर के साथ बिना कुछ कहे या बोले चलते हैं। ये वॉक उन लोगों के लिए लाभदायी है जो अक्सर अपनी बातें कहने में हिचकिचाते हैं या फिर उन्हें लगता है कि उन्हें सुनने वाला कोई नहीं है। ऐसे समय में ये जरूरी है कि आप उनका हाथ थामकर, प्रकृति की छांव में उनको समझने की कोशिश करें। अपने दिल को खोले हैं और दूसरों के दिलों में झांकने का प्रयास करें। जिसे एंकर तकनीक भी बोलते हैं।
इस वॉक के कुछ नियम है जैसे मोबाइल घर पर छोड़ना या साइलेंट करके रखना, बिना किसी की फ़िक्र करे बेखबर होकर बिना मंजिल के बस चलते जाना। ज़रा सोचिए कि जिन लोगों के बिना आप अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते उनके खामोशी में भी कितना शोर है। इस वाक्य को और ख़ास बनाने के लिए आप 70/30 का नियम भी अपना सकते हैं।
क्या है 70/30 नियम?
70/30 नियम- इस नियम में आप 70 मिनट तक बिना बोले एक साथ चलते रहते हैं। साइलेंट वॉक के दौरान आप एक दूसरे की हल्की धीमी सांसे महसूस करते है, उनका चलने का तरीका, उनके हाव-भाव। माना जाता है कि जब हम बात नहीं कर रहे होते है तो हमारे महसूस करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसके बाद 30 मिनट आप अपनी सभी परेशानियों को भूलकर एक-दूसरे की बात को ध्यान से सुनें। इसे और असरदार बनाने के लिए आप अपनी आंखें उनके ऊपर रखें, इससे एनर्जी ट्रांसफर होती है और आप उनसे ज़्यादा कनेक्ट कर पाते हैं। बात करते वक्त उनकी आंखों को पढ़ें। जिनसे आपके पार्टनर को खास फील होता और वो अपनी बात और सहज होकर कर पाते हैं। बात करते वक्त आपके चेहरे पर मुस्कराहट, प्यार और सहानुभूति होनी चाहिए।
कंटेंट- एकता शर्मा
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