Hormuz Strait: क्या सड़क के रास्ते आ सकता है होर्मुज स्ट्रेट पर फंसा माल, भूगोल देखकर चकरा जाएगा सिर

Hormuz Strait: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त रूप से हमले से तमतमाए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका, यूरोप, एशिया के माल जहाजों पर फंसे हुए हैं। सिर्फ भारत के जहाजों को जाने की परमिशन ईरान ने दी। वो भी विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) से फोन पर बातचीत के बाद। इसके बाद ईरान शुक्रवार को फिर बयान जारी किया होर्मुज स्ट्रेट किसी के लिए भी नहीं खोला जाएगा। ईरान ने कहा कि ये सब अमेरिका के मददगार हैं। इसलिए सामान नहीं आने दिया जाएगा।
अब यहां सवाल ये आता है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट पर सामान ऐसे ही फंसा रहा तो दुनिया को काफी नुकसान हो सकता है। ऐसे में लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या ये सामान सड़क के रास्ते नहीं लाया जा सकता? क्या कोई ऐसा रास्ता है जिससे सामान सड़क के रास्ते भारत लाया जा सकता है? तो इसका जवाब जान लेते हैं।
क्या सड़क के रास्ते आ सकता है सामान?
दरअसल होर्मुज़ स्ट्रेट से भारत तक सड़क के रास्ते सामान लाना लगभग असंभव है। सोशल मीडिया पर जिन संभावित रास्तों पर बात हो रही है, इसी पर बात करते हैं। अगर होर्मुज में फंसा किसी तरह के वैकल्पिक ज़मीनी रूट से आता भी है तो वो हफ्तों नहीं, महीनों में पहुंचेगा। वो भी तभी जब राजनीतिक हालात रास्ता देने लगें जो वर्तमान में लगभग नामुमकिन है।
किन रास्तों से कितने दिन में आएगा सामान?
Strait of Hormuz (होर्मुज स्ट्रेट) से निकलने वाला ज्यादातर माल UAE, ओमान, सऊदी अरब, ईरान के बंदरगाहों से भारत के लिए समुद्री रास्ते से आता है। भारत तक किसी भी खाड़ी देश से कोई भी सीधा हाईवे या लैंड ब्रिज मौजूद नहीं है। भारत से सड़क के जरिए जुड़ने के लिए बीच में पाकिस्तान पड़ता है। लेकिन भारत–पाकिस्तान के बीच ट्रेड हाइवे व्यावहारिक रूप से बंद है।
दूसरी तरफ ईरान से पाकिस्तान होकर भारत तक ट्रक पहुंचाने की अनुमति अब भी नहीं है। सऊदी और UAE से ईरान तक जाना पड़ता है। यह भी काफी ज्यादा कठिन और समय खराब करने वाला है। अब संभावित काल्पनिक रास्तों पर बात करते हैं। जैसे ये सामान सऊदी अरब से ओमान फिर ईरान और फिर पाकिस्तान और फिर भारत आता है। तो इतनी दूरी सड़क से तय करने में साढ़े 4 हजार से 6 हजार किमी की दूरी लगेगी। इसमें भी हर देश का इमिग्रेशन, कस्टम, और सुरक्षा चेक अलग होंगे साथ ही कई जगह प्रतिबंध भी मिलेंगे।
वहीं सामान लाने वाले ट्रक दिनभर में औसतन 500–600 किमी की दूरी तय करते हैं तो 10–12 दिनों की सिर्फ ड्राइविंग, सीमा पार क्लीयरेंस, कस्टम, परमिट और कई जगह इजाज़त ही नहीं मिलेगी साथ ही कई राजनीतिक रुकावटें मिलेंगी। कुल मिलाकर 25–40 दिन से पहले पहुंचना लगभग नामुमकिन है।
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