Iran में प्रदर्शनकारियों को 'ईश्वर के दुश्मन' करार दिया: सीधे होगी मौत की सजा

Iran protests 2026: ईरान में पिछले दो हफ्तों से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं, जिनमें स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इन्हीं प्रदर्शनों के बीच अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों को 'ईश्वर के दुश्मन' (मुहारिबेह) (Moharebeh enemy of God) करार दिया है। अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी कि ऐसे लोगों पर मौत की सजा सहित गंभीर आरोप लगाए जाएंगे। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरान में मुद्रा गिरने और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन अब पूरी तरह से सरकार के खिलाफ हो चुके हैं।
दिसंबर 2025 के अंत तक ईरानी रियाल का मूल्य अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 लाख से नीचे गिर गया था, जिससे महंगाई चरम पर पहुंच गई। इससे गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया, जो अब बहुत बड़े स्तर पर फ़ैल चुका है। पूरे देश भर में इसके खिलाफ जनता सड़कों पर आ चुकी है।
(Iran death penalty warning) अली खामेनेई की सरकार के अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और उनके समर्थकों पर बिना देरी के मुकदमे चलाए जाएंगे। ईरानी कानून की धारा 186 के तहत, अगर कोई व्यक्ति हथियारबंद विरोधी समूहों का समर्थन करता है, भले ही खुद हथियार न उठाए, तो उसे भी 'ईश्वर का दुश्मन' माना जाएगा। ईरान के कानून के आर्टिकल 190 के अनुसार, मुहारिबेह की सजा में फांसी, दाहिने हाथ और बायाँ पैर काटना या देश में ही दूरदराज इलाकों में आजीवन निर्वासन हो सकता है।
(Khamenei regime crackdown) सरकार ने स्पष्ट किया कि देशद्रोह और अस्थिरता फैलाने वालों के प्रति कोई दया या छूट नहीं बरती जाएगी। प्रदर्शनों में अब तक करीब 200 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2300 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। तेहरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से प्रदर्शन करने व 10 और 11 जनवरी को सड़कों पर डटे रहने की अपील की है।
इस घटना से ईरान की राजनीतिक अस्थिरता सामने आ चुकी है, जहां आर्थिक संकट ने देश भर में उथल-पुथल को जन्म दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इन प्रकार की कार्रवाइयों पर चिंता जता रहे है।
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