13 देशों से घूमकर निकलती है ये ट्रेन...नहीं किया होगा एक ही टिकट में ऐसा World Tour

World Longest Train Route: कल्पना कीजिए कि आप फ्रांस की सुहावनी सुबह में पेरिस के स्वादिष्ट क्रोइसैन और कॉफ़ी का मजा ले रहे हों और शाम को बर्लिन के चॉकलेट मूस का लुत्फ उठा रहे हों। यही नहीं सिर्फ कुछ दिनों में आप यूरोप के ऊंचे और बर्फीले पहाड़ों से एशिया के कुछ खूबसूरत देशो की वनस्पति, रेगिस्तान, और ट्रॉपिकल मौसम का मजा ले पाएं, वो भी सिर्फ एक ट्रेन सफर से और एक टिकट पर? जी हां, दुनिया में चलने वाली एक ऐसी ट्रेन जो लगभग 21 दिनों में आपको 13 देशों की यात्रा करा सकती है। ये दुनिया की सबसे लम्बी यात्रा कराने वाली ट्रेन है। जो पुर्तगाल के लागोस शहर से शुरू होकर यूरोप को पार कर एशिया के सिंगापुर तक जाती है।
19000 किमी चलती है ये मिड नाइट ट्रेन
इस ट्रेन की शुरुआत 2021 में हुई। जिसमें कई रेल रूट एक साथ जोड़े गए। इस ट्रेन का नाम मिड नाईट ट्रेन है। विशेषज्ञ इसे विश्व की "एपिक रेल एडवेंचर" मानते हैं। पुर्तगाल से चलने वाली ये ट्रेन 18,755-19000 किलोमीटर का सफर तय करती है। जिसमें स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड देशों को पार कर यूरोप के महाद्वीप को छोड़कर एशिया को कनेक्ट करती है। जिसमें रूस, चीन, मैग्नोलिया, थाईलैंड, मलेशिया से होती हुई अपने आखिरी मंजिल और स्टॉप सिंगापुर को जाती है। लेकिन क्या आप जानते है कि इस ट्रेन की सवारी करने के लिए आपको 13 देशों का वीज़ा होना ज़रूरी है। इसके साथ ही साथ यात्रियों को हर देश के लिए अलग अलग टिकट भी खरीदने पड़ते है।
कितना किराया लगता है इस ट्रैन में?
कुछ लोगों के लिए इस ट्रेन का सफर किसी रोमांचक यात्रा से कम नहीं होता इसलिए इस सफर के लिए अपनी जेब ढीली करने में हिचकीचाते नहीं है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस ट्रेन का किराया 1,350 डॉलर यानि 1.14 लाख तक का है। जिसमें यात्रियों का रहना, खाना, पीना शामिल है। इसी के साथ साथ ये ट्रेन अपने समय के मुताबिक सभी जगह पर रुकती है। जिससे लोग अपनी मनचाही जगह पर रुक सकते और घूम सकते हैं। फिर उसके बाद ट्रेन फिर से दूसरे शहर के लिए निकल पड़ती है।
क्या है इस ट्रेन का रूट?
ये ट्रेन पुर्तगाल के लागोस से शुरू हो कर स्पेन मेड्रिड, पेरिस, बर्लिन, पोलैंड, बेलारूस के मिन्स्क,रूस के मॉस्को में ट्रांस सीब्राइन रेलवे से मंगोलिआ (उलानबातर के जरिए) चीन की राजधानी बीजिंग से होते हुए लाओस से बैंकॉक, कुआलालंपुर और आखिर में सिंगापुर पहुंचती है। जिसमें इसे 21 दिन लग जाते हैं। इसी बीच इस ट्रंन के अलावा यात्रियों को बस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बदलने पड़ते हैं।
कंटेंट- एकता शर्मा
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