SUN, 30 NOVEMBER 2025

राजस्थान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का बेबाक अंदाज: “केमिकल खाद जहर है, हमने 90% नकली खाद बंद की, जल्द ही यूरिया-खाद की कमी पूरी करेंगे"

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राजस्थान
27 Nov 2025, 07:44 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

Kirodi Lal Meena on Urea Scarcity: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने गुरूवार दिनांक 27.11.2025 को जयपुर के कृषि भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने यूरिया और खाद उत्पादन, नकली खाद पर छापेमारी, जैसे मुद्दों पर कई सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि जमाखोरों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। जानिए क्या कहा किरोड़ी लाल मीणा ने-


(प्र.) आप लगातार खाद को लेकर छापेमारी करते रहते हैं। ऐसे में जब ऊपर से प्रेशर आता होगा कि यह छापेमारी बाहर नहीं आनी चाहिए, उस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया होती है?

किरोड़ी- मुझ पर कभी प्रेशर नहीं आता, क्योंकि वे लोग गलत काम कर रहे हैं और हमारे नेता कभी भी गलत काम में नहीं उलझते हैं।


(प्र.) फसलों के बीमा को लेकर आपने कुछ किया है?

किरोड़ी- बीमा फसल बीमा के मामले में जो पेंडिंग केसेस पड़े हैं, उनकी सुनवाई करके उनका वितरण करेंगे।

यूरिया-खाद और केमिकल फ़र्टिलाइज़र को लेकर उन्होंने कहा कि - यह समस्या हर साल आती है। जितनी आवश्यकता होती है, उतना मिलता नहीं। इसलिए केमिकल फ़र्टिलाइज़र इस्तेमाल किये जा रहे हैं। भारत सरकार भी यह कह रही है और कुछ सालों में आपको भी समझ आएगा कि हम जहर ले रहे हैं। हमें कैंसर हो रहा है, डायबिटीज हो रही है, किडनी खराब हो रही है, लिवर खराब हो रहा है। ये केमिकल फ़र्टिलाइज़र के कारण है। इसका अत्यधिक उपयोग नहीं होना चाहिए। भारत सरकार भी इस पर जोर दे रही है और हमें भी इसका प्रयास करना चाहिए। मीडिया को भी सहयोग देना चाहिए। किसान ज्यादा फर्टिलाइजर डालेगा, ज्यादा लाएंगे तो ज्यादा नुकसान होगा। किसान को भी आर्थिक दृष्टि से नुकसान होता है। साथ ही, स्वास्थ्य की दृष्टि से इन केमिकल फ़र्टिलाइज़र और पेस्टिसाइड्स के नुकसान बहुत ज्यादा हैं।

(प्र.) डॉक्टर साहब इस बार राजस्थान में आलू और प्याज की पैदावार करने वाले किसान बेहद परेशान हैं। उनका माल बिक नहीं पा रहा है। क्या उन परिस्थिति की कोई स्थिति सरकार देख रही है?

किरोड़ी- एमएसपी में प्याज नहीं आता है। प्याज में कोई एमएसपी नहीं होती है। अब प्याज ज्यादा पैदा हो गया। अब परिस्थिति ऐसी है कि किसान को उसका खर्चा भी नहीं निकल पा रहा। लेकिन उसके लिए कुछ योजना तय की गयी है। केंद्र सरकार को हमने प्रस्ताव भेजा है कि इस किसानों फसल को खरीदे।


(प्र.) डॉक्टर साहब, आपने नकली खाद और उर्वरक बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई की। सडसठ मामले दर्ज किये। ऐसे में आप क्या मानते हैं कि कितना यूरिया सही खपाया जा रहा था प्रदेश में? पिछले साल कुछ 20-25 हज़ार, 1 लाख.......

किरोड़ी- फिलहाल उसका एक आंकड़ा हमारे पास एग्जैक्टली नहीं है। यह हम तैयार कर लेंगे। लेकिन उसका भी फर्क पड़ा है। ये भी एक वजह है कि पहले मिलावटी खाद लोगों में बंट जाता था, उसके कारण खाद की कमी नहीं होती थी। अब वो नाइंटी परसेंट हमने बंद कर दिया है। तो उसके कारण भी ये कमी आई है।


(प्र.) डॉक्टर साहब- जमाखोरों के ऊपर किस तरीके से सरकार कार्यवाही करेगी? जो जमाखोर हैं, यूरिया का काम कर रहे हैं।

किरोड़ी- नहीं, हम एक ही है और इंस्पेक्शन करते हैं। हमारी जो विलेज लेवल तक के अधिकारी हैं, उनको अलर्ट कर रखा है। निगाह रखते हैं। जहां जमा कर लिया, उनको सख्ती से देखते हैं। जमा जहां मिल जाता है, वहां खड़ा होकर हमारे अधिकारी उसका वितरण कराते हैं। जमाखोरों के खिलाफ तीस एफआईआर भी दर्ज हुई है और उसका वितरण भी हमने कराया है।


(प्र.) सरकार के कर्मचारी भी तो उससे मिले-जुले हो सकते हैं। अकेले दम पर तो जमाखोरी का...

किरोड़ी- इसी वजह से हमने कृषि विभाग के 11 बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, किशनगढ़ के मामले में। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की है। और आपको कहीं शिकायत मिले- बिहार से लेकर यहां तक, तो हम कार्रवाई कर देंगे। मेरी आप लोगों से यही प्रार्थना है कि यह इश्यू है, लेकिन इतना बड़ा भी नहीं है जितना कुछ मीडिया वाले बना रहे हैं। इतना ही मेरा निवेदन है कि पैनिक नहीं हो। चार-छह दिन में और यूरिया भरपूर मात्रा में आएगा। मैं दिल्ली जा रहा हूं। और माननीय मुख्यमंत्री जी ने भी इस संबंध में पाँच बजे मीटिंग बुलाई है, तो हम समुचित व्यवस्था करने में सफल हो जाएंगे। आपके सहयोग की अपेक्षा है। नहीं तो मैं बीच में कोई खटका करूंगा, तो फिर वहां भागोगे आप मेरे पीछे।


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