2,000 करोड़ का मिड-डे मील घोटाला: स्कूल बंद….पर सप्लाई जारी! पूर्व गहलोत सरकार के मंत्री के बेटों की सेटिंग

Rajasthan Mid day meal Scam: राजस्थान में 2,000 करोड़ का मिड डे मील घोटाला पकड़ा गया है। जिसमें ACB ने गहलोत सरकार के समय रहे मंत्री राजेंद्र यादव के दो बेटों समेत 21 लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि योग्य कंपनियों को टेंडर से बाहर कर दिया गया। वहीं चहेती फर्मों को सीधे सेटिंग पर ठेका दे दिया गया।
इन 21 लोगों पर दर्ज हुई FIR
इस घोटाले में जिन 21 लोगों पर FIR दर्ज कराई गई है उनमें कॉनफैड के सहायक लेखाधिकारी सांवतराम, प्रबंधक राजेन्द्र, लोकेश बापना, सहायक प्रबंधक प्रतिभा सैनी, प्रबंधक योगेन्द्र शर्मा, कान्फैड प्रबंधक राजेन्द्र सिंह शेखावत, गोदाम कोपर रामधन बैरवा, सुपरवाइजर दिनेश शर्मा, भंडार के RM शैलेश सक्सेना, डिप्टी मैनेजर बीसी जोशी और सहायक मैनेजर चंदन सिंह शामिल हैं।
साथ ही टॉप 4 निजी फर्मों के भी नाम और इनके अधिकारी भी सामने आए हैं जिन पर FIR दर्ज की गई है। इनमें इनमें कंवलजीत, मधुर यादव, त्रिभुवन यादव, सतीश व्यास, दीपक व्यास और रितेश हैं। वहीं इन फर्मों के नाम हैं तिरुपति सप्लायर्स, जागृत एंटरप्राइजेज, एमटी एंटरप्राइजेज और साई ट्रेडिंग।
गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र यादव के बेटों के नाम भी शामिल
इन सबमें सबसे बड़ा नाम पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव के बेटे—मधुर यादव और त्रिभुवन यादव का है। बता दें कि राजेंद्र यादव पूर्व कांग्रेस सरकार में गृह राज्य मंत्री थे।
इस घोटाले के शक में IT और ED ने 2023-24 में कुल 63 ठिकानों पर रेड मारी थी। टीम को कोटपूतली, जयपुर, गुरुग्राम से कागज़ी कंपनियां, कैश फ्लो और फर्जी लेन-देन के सबूत मिले थे। जिसके बाद जांच बिठाई गई और अब ACB ने FIR दर्ज कर दी है।
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