बजरंग दल के नेता को यूपी पुलिस ने रजाई ओढ़ाकर पीटा, रायबरेली में मंत्री-विधायक धरने पर बैठे

Raebareli Bajrang Dal leader beaten by Police: रात के अंधेरे में घर से घसीटकर थाने ले जाना और रजाई ओढ़ाकर पीटना – उत्तर प्रदेश के रायबरेली में बजरंग दल के एक नेता के साथ स्थानीय पुलिस ने ऐसा ही कुछ बर्ताव किया है। रायबरेली में बजरंग दल के जिला संयोजक ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मी पहले उसे घर से घसीटकर थाने ले गए, और फिर रजाई ओढाकर बुरी तरह पिटाई की। पुलिस की इस कथित ज्यादती की खबर लगते ही संगठन में हल्ला मच गया और मंत्री और विधायक सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए, जिससे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया।
बजरंग दल के जिला संयोजक विनोद कुमार मौर्य ने आरोप लगाया कि सलोन थाने की पुलिस ने आधी रात करीब 12 बजे उन्हें घर से जबरन उठाया। वजह थी एक गोकशी के मामले में उनका गवाह होना। विनोद कुमार मामले में गवाह तो बने, लेकिन कोर्ट में कई पेशियों में नहीं पहुंचे, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। पुलिस ने इसी वारंट के आधार पर कार्रवाई की थी।
मौर्य का दावा है कि पुलिस ने न सिर्फ उन्हें थप्पड़ मारे और गालियां दीं, बल्कि थाने में रजाई ढककर रात भर पिटाई की। उनके परिवार के सदस्यों के साथ भी बदसलूकी हुई। इस दौरान पुलिस ने "बहुत बड़े हिंदूवादी नेता बनते हो," कहकर पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपमानित किया।
इस घटना से भड़के विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने डिग्री कॉलेज चौराहे पर अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया। उनकी मांग है कि सलोन थाना प्रभारी राघवन सिंह और एक अन्य सिपाही को तुरंत निलंबित किया जाए। धरना स्थल पर बीजेपी नेता भी जुटे, और रात 11 बजे राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह भी धरने पर पहुंचे। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से कोतवाल को लाइन हाजिर करने की मांग की। अगले दिन सपा के बागी विधायक मनोज पांडे भी धरने में शामिल हुए।
दबाव बढ़ने पर पुलिस ने चौकी इंचार्ज समेत तीन सिपाहियों को थाने से हटा दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक सलोन कोतवाल राघवन सिंह को लाइन हाजिर या निलंबित नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस मामले ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, और स्थानीय मीडिया में यह खबर सुर्खियां बटोर रही है। पुलिस का कहना है कि वारंट तामील की प्रक्रिया कानूनी थी, लेकिन जांच जारी है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
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