12वीं रिजल्ट के दो चेहरे: रीढ़ की हड्डी टूटने पर भी वृषिका 93.40% लाई, नकिता 93.80% लाई, लेकिन सफलता देखने से पहले ही गुज़र गयी

RBSE 12th Result 2026: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 31 मार्च को 12वीं क्लास की तीनों स्ट्रीम का रिजल्ट घोषित कर दिया। इस बार के रिजल्ट में कई परिवारों के लिए खुशी दोगुनी हो गयी, कुछ कहानियां दिल को छू गईं और कुछ परिवारों में दुःख पसर गया। एक तरफ राजस्थान में साइंस स्ट्रीम में 5 लड़कियों ने 99.80% स्कोर किया, दूसरी तरफ पाली की वृषिका कुमावत ने रीढ़ की हड्डी टूटने के बावजूद लेटकर पढाई की और 93.40% नंबर लाई, जबकि श्रीगंगानगर की नकिता अपनी सफलता को देखने से पहले ही दुनिया छोड़कर चली गयी।
सभी को मोटीवेट करने वाली कहानी पाली की वृषिका कुमावत की है, जिसकी पांच साल पहले छत से 15 फीट नीचे गिरने से रीढ़ की हड्डी टूट गयी थी, जिससे उसका निचला शरीर लकवाग्रस्त हो गया था। चलना-फिरना पूरी तरह से ख़त्म। लेकिन वृषिका रुकी नहीं। बिस्तर पर लेटे-लेटे ही अपनी पढ़ाई जारी रखी। वंदे मातरम स्कूल के शिक्षक उसे घर आकर पढ़ाते रहे।
इतनी मेहनत के बाद रिजल्ट आया कि वृषिका ने कॉमर्स में 93.40% अंक हासिल किए। रिजल्ट देखकर माता-पिता की आंखें नम हो गईं। वृषिका ने कहा कि मैं अब सीए बनकर मां-बाप की सेवा करूंगी।
दूसरी ओर, श्रीगंगानगर जिले की नकिता ने आर्ट्स में 93.80% स्कोर लाकर अपने क्षेत्र में टॉप किया। लेकिन अपनी इस सफलता और खुशी को देखने से पहले ही वह ये दुनिया छोड़कर चली गयी। रिजल्ट जारी होने से ठीक 11 दिन पहले 20 मार्च को उसका निधन हो गया। गरीब मजदूर माता-पिता ने अपना सारा पैसा अस्पतालों में इलाज पर खर्च कर दिया, फिर भी बेटी वापस नहीं लौटी।
रिजल्ट देखते ही मां चरणजीत कौर फूट-फूटकर रो पड़ीं। स्कूल प्रशासन और पडोसी-रिश्तेदार सभी निकिता की मेहनत पर गर्व महसूस कर रहे हैं, लेकिन परिवार के लिए यह सफलता अब सिर्फ याद बनकर रह गई है।
दोनों कहानियां साबित करती हैं कि मेहनत की कोई सीमा नहीं, लेकिन जीवन की अनिश्चितता हर पल साथ चलती है।
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