रबड़ी या दूध नहीं, बल्कि यहां दही के साथ खाई जाती है जलेबी! एक बार खा गए तो भूल जाएंगे पुराना स्वाद

Dahi Jalebi: जलेबी का नाम सुनते ही हर किसी के भी मुंह में पानी आ जाता है। मीठी चाशनी में डूबी ये मिठाई देश भर में बड़े चाव से खाई जाती है। आम तौर पर पूर्वी राजस्थान में लोग जलेबी को दूध और रबड़ी के साथ खाना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि दूध और रबड़ी के अलावा जलेबी के साथ दही खाने की परंपरा है। जी हां, दही के साथ।
कहां है दही-जलेबी खाने का कल्चर?
दही और जलेबी खाने की परंपरा पूरे उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में है। दही और जलेबी को यहां पर आम तौर पर नाश्ते में खाते हैं। इसमें गाढ़े-गाढ़े दही के साथ गरमागरम और कुरकुरी जलेबियों को परोसा जाता है। इसके साथ तीखा या चटपटा फूड भी कई लोग खाते हैं। वो उनकी अपनी पसंद होती है।
क्या है जलेबी का इतिहास?
जलेबी असल में पर्शिया से व्यापार के रास्ते भारत आई थी। बाद में ये यहां की मिठाइयों में से सबसे लोकप्रिय हो गई। आज भी कोई त्योहार हो या कोई खास दिन, लोग जलेबी खाना नहीं भूलते।
दही के साथ जलेबी का कॉम्बो क्यों?
दरअसल दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं। जो जलेबी की मिठास को कम कर देते हैं। ये खाने में बहुत टेस्टी होती है। साथ ही में शरीर में ऊर्जा देता है। जबकि रबड़ी या दूध, जलेबी की मिठास को और बढ़ा देती है। जो अक्सर खाना खाने के बाद के डेजर्ट के रूप में एन्जॉय किया जाता है। हालांकि, ये अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीके से खाना पसंद किया जाता है।
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