‘हमने नहीं तोड़े किसी के मंदिर, हमारी सभ्यता को किया गया खत्म...’, अजित डोभाल का बड़ा बयान

Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे देश ने किसी और देश में जाकर आक्रमण नहीं किए। इसका तो इतिहास गवाह है। भारत ने दूसरे की जमीन नहीं कब्जाई, कभी किसी के मंदिर नहीं तोड़े।
विकसित भारत बनने की राह पर देश
नई दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में NSA अजित डोभाल शामिल हुए। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए NSA अजित डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऐसी दिशा में आगे बढ़ चुका है कि अब देश अपने आप भी विकास की राह पर आगे निकल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहां अगर सिस्टम ऑटोपायलट मोड पर भी चल जाए, तब भी देश विकसित होने की ओर तेजी से बढ़ेगा।
भारत ने कभी भी दूसरे देश पर हमला नहीं किया
उन्होंने कहा कि आपके हर दिन लिए गए फैसले भविष्य की दिशा तय करते हैं। उम्र बढ़ने के साथ फैसले और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ती जाती हैं, इसलिए निर्णय क्षमता लीडरशिप की सबसे बड़ी पहचान है। डोभाल ने वैश्विक हालात पर बात करते हुए कहा कि आज दुनिया में चल रहे ज्यादातर टकराव इसलिए हैं क्योंकि कुछ देशों की इच्छा दूसरों पर थोपने की कोशिश की जा रही है। आज का वक्त ये है कि अगर आप शक्तिशाली हैं तो ही आप आजाद रह सकते हैं क्योंकि आत्मविश्वास के बिना तो शक्ति और हथियार भी बेकार हैं।
डोभाल ने कहा कि भारत ने कभी किसी दूसरे देश पर आक्रमण नहीं किया, कभी किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया। लेकिन हम अपने सामने खड़ी चुनौतियों को समझ नहीं पाए, उन्हें भांप नहीं पाए। हम उनके सामने उदासीन बने रहे। सवाल ये है कि इससे मिले सबक को हमने याद रखा, क्या आगे आने वाली पीढ़ी याद रखेगी, अगर वो भूल गई तो इसके बड़े नुकसान बहो सकते हैं। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण होगा देश के लिए। अजित डोभाल ने कहा कि मौजूदा सरकार में देश को वो दिशा और साहस मिला है जिसने भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत की है। इसके बाद डोभाल ने नेपोलियन का मशहूर कथन भी दोहराया। उन्होंने कहा कि मैं एक भेड़ के नेतृत्व वाले 1000 शेरों से नहीं घबराता, लेकिन एक शेर के नेतृत्व वाले 1000 भेड़ों से डरता हूं। डोभाल ने कहा कि यह कथन आज बिल्कुल सटीक बैठता है।
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