नहीं रहे मशहूर भुजिया किंग शिवरतन अग्रवाल, बीकाजी फाउंडर का निधन

नहीं रहे मशहूर भुजिया किंग शिवरतन अग्रवाल, बीकाजी फाउंडर का निधन
राष्ट्रीय
23 Apr 2026, 02:15 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Shiv Ratan Agarwal Death: मशहूर भुजिया किंग और बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर शिव रतन अग्रवाल का निधन हो गया है। गुरुवार सुबह ही चेन्नई में उन्होंने आखिरी सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। चेन्नई में वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए गए थे। खबर के मुताबिक सुबह उनकी तबियत अचानक बिगड़ी जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका निधन हो गया।

पत्नी के इलाज के लिए रुके थे चेन्नई में

बता दें कि शिवरतन अग्रवाल की पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी। जिसके बाद 10 दिनों से दोनों पति-पत्नी चेन्नई में ही रह रहे थे। अब उनके निधन से उनकी पत्नी पूरी तरह टूट गई हैं। वहीं परिवार में दुख का माहौल है। इसी के साथ उद्योग जगत में भी शोक छा गया है।

Ex CM अशोक गहलोत ने जताया दुख

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिवरतन अग्रवाल के निधन पर X पर पोस्ट किया और कहा कि “देश के प्रसिद्ध उद्योगपति, बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल के आकस्मिक निधन का समाचार बेहद दुखद है। बीकानेर की भुजिया को बीकाजी ब्रांड के जरिए देश विदेश में प्रसिद्धि दिलाने वाले शिवरतन अग्रवाल का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।“

पढ़ाई 8वीं तक और बिजनेस 7 समंदर पार तक

बता दें कि शिवरतन अग्रवाल सिर्फ 8वीं क्लास तक पढ़े हैं। लेकिन परिवार बिजनेस से जुड़ा था जो शिवरतन को आगे ले जाने में मददगार साबित हुई। दरअसल उनका पारिवारिक बैकग्राऊंड ‘हल्दीराम’ ब्रांड से जुड़ा था। फिर हल्दीराम से अलग होने के बाद इन्होंने शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट के नाम से एक कंपनी शुरू की। इसमें इन्होंने भुजिया बनाने का काम ही डाला। इस दौरान उन्होंने कई विदेशी दौरे किए। अलग-अलग देशों में जाकर वहां की तकनीक को समझा। मशीनों से कैसे भुजिया तैयार करें, इसका मैकेनिज़्म समझा। क्योंकि उस वक्त भुजिया नमकीन हाथों से ही बनाई जाती थी।

इसके बाद इन्होंने 1993 में बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल नाम से अपनी छोटी सी कंपनी बीकानेर में स्थापित की। यहां इन्होंने मशीन से भुजिया बनाई जो कि पूरे देश में अपने आप में पहला अनुभव था। अपने ब्रांड की भुजिया का नाम बीकाजी रखा जो बीकानेर के संस्थापक महाराजा राव बीका से प्रेरित था। इन्होंने अपने भुजिया के ब्रांड से बीकानेर के नमकीन उद्योग को देश में नहीं बल्कि इंटरनेशनल पहचान दिलाई थी। हल्दीराम के टक्कर में उन्होंने अपना ब्रांड खड़ा किया और देखते ही देखते कब ये ब्रांड हल्दीराम को भी पछाड़ गया पता ही नहीं चला। फिर भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन को ब्रांड एंबेसडर तक बना लिया।

ये भी पढ़ें- अरसा बीत गया इस तस्वीर के इंतजार में, पायलट के साथ गहलोत बोले- रिकॉर्ड कर लो फिर कहोगे बनती नहीं


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2025 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.