मोदी का जवाबी भाषण बिना ही पारित हुआ धन्यवाद प्रस्ताव - राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया, विपक्ष का हंगामे के बीच वॉकआउट!

Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र 2026 के सातवें दिन गुरुवार को राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव बिना नरेंद्र मोदी के भाषण दिए ही पारित हो गया। सदन में विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे के बीच यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाबी भाषण दिए बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और तख्तियां लहराने पर कड़ी चेतावनी दी, लेकिन कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों में ही जमकर हंगामा मचा। सुबह 11 बजे लोकसभा की बैठक शुरू हुई, लेकिन शुरू होने के सिर्फ एक मिनट के भीतर ही विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 12 बजे फिर से सदन शुरू हुआ, लेकिन इस बार भी 5 मिनट में ही सदन फिर से 2 बजे तक के लिए स्थगित दिया। और इन सब के बीच ही, धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
दोपहर 2 बजे तीसरी बार सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विरोध, नारेबाजी और तख्तियां लहराने के चलते कुछ ही मिनटों में फिर से 3 बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। सदन स्थगित होने को लेकर निलंबित सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि राहुल गाँधी प्रतिपक्ष के नेता हैं। जब तक सदन में राहुल गाँधी को बोलने की अनुमति नहीं मिलती है, तब तक विपक्ष भी सदन में नरेन्द्र मोदी को बोलने नहीं देगा।
इसके साथ ही,
राज्यसभा में भी विपक्ष द्वारा राहुल गांधी को लोकसभा में नहीं बोलने दिए जाने का मुद्दा उठाया, जिससे वॉकआउट हो गया। मल्लिकार्जुन खड्गे ने कहा कि राहुल गाँधी को पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब पर नहीं बोलने दिया गया। उस किताब को लेकर मैं यहाँ बोलना चाहता हूँ। लेकिन सदन के उपसभापति ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट का गए।
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की बात करने वाले खुद सदन की गरिमा का हनन कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि अपनी पार्टी को किसी 'अबोध' बच्चे की तरह बंधक न बनने दें।
खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी खुद मोदी के इशारे पर चल रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल पर नियम तोड़ने का आरोप लगाया, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खड़गे के 'लिंचिंग' वाले बयान पर आपत्ति जताई। गिरिराज सिंह ने राहुल को देश में विभेद फैलाने वाला करार दिया।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि विपक्षी नेता को बोलने का हक मिलना चाहिए, क्योंकि मुद्दा पहले से सार्वजनिक है। प्रियंका गांधी ने सरकार पर डरने का आरोप लगाया। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सेना से जुड़े मुद्दों को सदन में लाने पर सवाल उठाया।
बता दें कि पिछले दिनों राहुल गाँधी ने लद्दाख सीमा पर चीनी टैंकों का जिक्र किया था, जिस पर रूलिंग पार्टी और स्पीकर ने उन्हें बोलने नहीं दिया और मामला विवाद का केंद्र बन गया। हंगामे से बजट चर्चा प्रभावित हुई।
लोकसभा और राज्यसभा में चल रहा बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें 30 बैठकें होंगी। पहले चरण में 9 विधेयक लंबित हैं, जिसमें शिक्षा और बिज़नेस मार्केट से जुड़े बिल शामिल हैं।
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