SUN, 30 NOVEMBER 2025

“डिजिटल युग में लौटते चिट्ठियों के दिन” ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता

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राष्ट्रीय
05 Nov 2025, 03:16 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

आज के डिजिटल युग में अपने करीबियों से जुड़ने के लिए फ़ोन और सोशल मीडिया से जुड़ाव और निर्भरता बढती ही जा रही है। ऐसे में लोगों को वापस चिट्ठी लेखन से जोड़ने के लिए भारतीय डाक विभाग ने एक नयी शुरुआत करने जा रहा है। नयी जनरेशन को चिट्ठी लिखने की परंपरा से जोड़ने के लिए और शब्दों में भावनाओं की गहराई को महसूस कराने के लिए डाक विभाग ने पूरे देश में “ढाई आखर पत्र लेखन प्रतियोगिता” की शुरुआत की है। प्रतियोगिता का विषय है- एक पत्र रोल मॉडल के नाम। 



डिजिटल युग में कागज़ पर स्याही को बिखेरकर भावों को शब्दों में आकार देना अब कहीं पीछे छूट गया है। यह प्रतियोगिता लोगों में चिट्ठी लिखने की भावनाओं और अपनेपन को वापस जगाने का एक प्रयास है। डाक विभाग का उद्देश्य है कि लोग फिर से अपनी गहराई को समझें और चिट्ठियों के अपनेपन को महसूस करें। 



यह प्रतियोगिता पूरे भारत में आयोजित की जा रही है। ये प्रतियोगिता दो श्रेणियों और दो स्तर पर आयोजित होगी। पहली श्रेणी 18 वर्ष के कम आयु के विद्यार्थी वर्ग के लिए है। दूसरी श्रेणी में 18 वर्ष से अधिक आयु के समस्त नागरिक भाग ले सकेंगे। साथ ही प्रतियोगिता का निर्णय राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अलग-अलग किया जायेगा। विजेताओं को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नकद पुरस्कार भी मिलेंगे। 

राष्ट्रीय स्तर पर

प्रथम पुरस्कार: 50,000

द्वितीय पुरस्कार: 25,000

तृतीय पुरस्कार: 10,000

प्रत्येक राज्य के स्तर पर

प्रथम पुरस्कार: 25,000

द्वितीय पुरस्कार: 10,000

तृतीय पुरस्कार: 5,000



प्रतियोगिता के नियम-

1. पत्र हिंदी, अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में लिख सकते हैं।

2. अंग्रेजी पत्र की शब्द सीमा 500 शब्द और हिंदी व स्थानीय भाषा के पत्र में 1000 शब्द है। 

3. पत्र हाथ से लिखा होना अनिवार्य है। टाइप किया पत्र या कंप्यूटर प्रिंट पत्र मान्य नहीं होगा। 

4. प्रतिभागी को अपना पत्र डाक विभाग को भेजना होगा या फिर खुद जाकर जमा कराना होगा।

5. प्रतिभागी को पत्र पर अपना पूरा नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और स्कूल/कॉलेज का नाम लिखना आवश्यक है। उक्त जानकारी नहीं लिखने पर पत्र को अमान्य घोषित कर दिया जायेगा।



डाकघर अधीक्षक बी.डी. गोरानी ने कहा कि विभाग की इस पहल से चिट्ठियों को वापस एक नयी शुरुआत मिलेगी। मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से लोगों में शब्दों और विचारों की गहराई कम होती जा रही है। हमारी कोशिश है कि आज के युवा फिर से अपने विचारों को कागज़ पर आकार देना शुरू करे। 



विभाग चाहता है कि हर उम्र वर्ग का हर व्यक्ति चिट्ठी लिखने की ख़ुशी और अपनेपन को महसूस कर सके। इसलिए विभाग स्कूलों और कॉलेजों को भी इसमें जोड़ने के लिए प्रचार-प्रसार कर रहा है। प्रतियोगिता से आज की पीढ़ी ना सिर्फ भाषा में निपुण होगी, बल्कि अपनी भावनाओं को भी शब्दों में ढालना सीखेगी।  


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