इंडिया AI Impact Summit: गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने चीनी रोबोट को 'स्वदेशी' बताकर पेश किया - सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

India AI Impact Summit 2026 एक बड़े विवाद का केंद्र बन चुका है। समिट में ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) ने चीन की एक कंपनी के बनाए हुए रोबोटिक डॉग को टेक एग्जिबिशन अपने नाम से प्रदर्शित कर दिया। यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक डॉग को स्वदेशी नवाचार बताकर पेश किया था, जिसकी खबर बाहर आते ही आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर निकलने का आदेश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर 'ओरियन' नाम से एक चार पैरों वाला रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया। यूनिवर्सिटी प्रोफेसर सहित यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस रोबोटिक डॉग को उन्होंने यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित किया है, जो निगरानी, मॉनिटरिंग और कैंपस में स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए बनाया गया है। सोशल मीडिया पर AI summit और रोबोटिक डॉग का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें यह दावा सामने आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर तेजी से बहस छिड़ गई।
Bringing Shame to India internationallypic.twitter.com/WZ4Plx6KL3
— Nehr_who? (@Nher_who) February 18, 2026
(Unitree Go 2 Robot) जल्द ही लोगों और Tech Enthusiasts ने रोबोट की डिजाइन, गति और बॉडी स्ट्रक्चर की तुलना की और जान लिया कि यह रोबोट चीनी कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का बनाया हुआ 'यूनिट्री Go 2' मॉडल है। यह मॉडल भारत में 2 से 3 लाख रुपये में आसानी से उपलब्ध है और इसे दुनिया भर में इंडस्ट्रीज में निरीक्षण, सुरक्षा और मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कई यूजर्स ने इसे 'मेड इन इंडिया' बताकर गुमराह करने का आरोप लगाया, जिससे राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदगी की बात कही जाने लगी।
(Robot Controversy) विवाद बढ़ने पर आयोजकों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो से हटाने का फैसला किया। कुछ ख़बरों के अनुसार, उनकी स्टॉल से बिजली भी काट दी गई और यूनिवर्सिटी को तुरंत स्थान छोड़ने को कहा गया। इस फैसले से समिट के एक्सपो क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। हालाँकि, यूनिवर्सिटी ने भी आधिकारिक बयान जारी कर अपनी सफाई दी कि उन्होंने कभी भी यह दावा नहीं किया कि यह रोबोट उन्होंने खुद विकसित किया/बनाया है। अपने बयान में कहा कि यूनिवर्सिटी युवा छात्रों को भविष्य में ऐसी तकनीक डिजाइन और निर्माण करने के लिए ट्रेन कर रही है। साथ ही, यह भी साफ़ कहा कि रोबोट यूनिट्री से खरीदा गया है, जो एआई में निवेश का हिस्सा है।
यह घटना AI Impact Summit जैसे वैश्विक मंच पर तकनीकी दावों की पारदर्शिता और सत्यापन की जरूरत पर सवाल खड़े कर रही है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग स्वदेशी टेक्नोलॉजी की सच्चाई पर चर्चा कर रहे हैं।
इस लिंक को शेयर करें

