Lawrence Bishnoi: दिल्ली मर्डर से राजस्थान रंगदारी तक…कैसे जेल से ऑपरेट हो रहा है लॉरेंस बिश्नोई का गैंग?

Lawrence Bishnoi: दिल्ली के शास्त्री नगर में 31 दिसंबर की रात हुए वसीम मर्डर केस में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गैंग ने वसीम के मर्डर की जिम्मेदारी ली है। वो भी तब जब पुलिस ने ये खुलासा किया है कि इस मामले में पकड़े गए दो आरोपियों ने आपसी रंजिश में वसीम (Delhi Murder Case) की हत्या की है। दूसरी तरफ बीते दिन राजस्थान के श्रीगंगानगर में 91 लाख रुपए की रंगदारी के मामले में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Sri Ganganagar Extortion Lawrence Bishnoi)का हाथ सामने आय़ा। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर जेल में बंद रहने के बाद भी कैसे बिश्नोई अपने गैंग से ये अपराध करा रहा है?दिल्ली में वसीम हत्याकांड़ में बिश्नोई गैंग का हाथ?
दरअसल 30 और 31 दिसंबर की दरम्यान की रात को दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में 33 साल के वसीम की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। उसे JPC अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दो सगे भाइयों शाकिर और इस्लाम उर्फ बॉर्डर को गिरफ्तार किया औऱ बयान दिया कि ये हत्या इनकी पुरानी रंजिश का नतीजा है। इस पर आरोपी भी अपना कबूलनामा दे चुके हैं पर हत्या में शामिल हथियार भी बरामद कर लिया गया। तभी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट आया और पुलिस से लेकर बड़ी-बड़ी सुरक्षा एजेंसी तक सभी को हिला डाला। ये पोस्ट कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का था। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि वसीम की हत्या इस गैंग ने की है। ये सब इसलिए हुआ क्योंकि वसीम गैंगस्टर हाशिम बाबा के खिलाफ बयानबाजी कर रहा था।
बता दें कि हाशिम बाबा तिहाड़ जेल में बंद है और लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल में, ऐसे में दिल्ली पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि ये मर्डर लॉरेंस के गैंग ने किया है। क्योंकि पुलिस के मुताबिक तो आरोपी अपना कबूलनामा दे चुके हैं। हालांकि अब इस सोशल मीडिया पोस्ट की जांच भी चल रही है।
राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई चला रहा रंगदारी का नेटवर्क
वहीं श्रीगंगानगर से 91 लाख की रंगदारी का मामला में भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ निकला। यहां के रायसिंहनगर में पुलिस एक लग्जरी कार से 90 लाख 84 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए। इसमें पुलिस ने 4 आरोपियों को
गिरफ्तार किया। जब इसकी जांच पूरी हुई तो एक बार फिर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वो ये कि इतनी बड़ी ये रकम जोधपुर से आई थी और श्रीगंगानगर में बांटी जानी थी। अब ये किसे बांटी जानी थी, इस सवाल का जवाब आप एक और खुलासे से समझिए कि ये पूरा नेटवर्क जुड़ा है लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गैंग से। ये गैंग डर, धमकी और रंगदारी का सिस्टम चला रहा है जिसे जेल से ऑपरेट किया जा रहा है।
जेल से कैसे चल रहा आपराधिक नेटवर्क?
जांच एजेंसियां भी कहती हैं कि ये तरीका कोई नया नहीं है। ये गैंगस्टर जेल से वकीलों और मिलने वालों के जरिए बाहर अपना मैसेज पहुंचाते हैं जो कोड वर्ड्स में होते हैं। ग्राउंड पर लोकल गुर्गे काम करते हैं और सबसे आखिर में होता है कैश का मूवमेंट। जो हवाला, भरोसेमंद रिश्तेदार और कारोबरियों से होता है।
राजस्थान के केस में भी यही मॉडल दिखता है। पहला, एक शख्स रकम वसूलता है। दूसरा ट्रांसपोर्ट करता है और तीसरा आगे गैंग तक पहुंचाता है। अब सवाल ये है कि दिल्ली के वसीम मर्डर मामले में पुलिस ये कह रही है कि मर्डर आपसी रंजिश में हुआ है तो फिर लॉरेंस का गैंग इसकी जिम्मेदारी क्यों ले रहा है? सोशल मीडिया पर इस तरह डर का माहौल क्यों बनाया जा रहा है? क्या इसलिए कि डर ही इनका असली हथियार है और जब तक इनका नेटवर्क जिंदा है। बहरहाल इन दोनों ही मामलों की पुलिस से लेकर सुरक्षा एजेंसियां जांच में लगी हुई हैं। जल्द ही सच सभी के सामने होगा।
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