नालंदा शीतला माता मंदिर में भगदड़: 8 महिलाओं की मौत, 6 घायल – भीड़ प्रबंधन की लापरवाही पर उठे सवाल

Nalanda Sheetla Mata Mandir Stampede: बिहार के नालंदा में शीतला माता के मंदिर में भगदड़ मचने से 8 महिलाओं की मौत हो गयी और 6 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। 31 मार्च को चैत्र महीने का अंतिम मंगलवार होने की वजह से मघड़ा गांव में स्थित शीतला माता मंदिर में ज़रुरत से ज्यादा भीड़ दर्शन और पूजा करने के लिए आ गयी। मंदिर में भारी भीड़ होने के दौरान अचानक भगदड़ मच गयी, जिसमें कई लोग भीड़ के नीचे दब गए।
जानकारी के मुताबिक, बिहार में चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार शीतला माता पूजन के लिए ख़ास माना जाता है। इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता और माता को ठंडा भोग चढ़ाया जाता है। इसी दिन शीतला माता मंदिर में पूजा और मंदिर के बाहर मेला भी लगा हुआ था, जिसके कारण हजारों की तादाद में श्रद्धालु इकट्ठे हो गए थे। सुबह से ही दर्शन करने के लिए भीड़ उमड़ गयी और लोग लाइन में लगने की बजाय आगे बढ़ने की होड़ में लग गए।
मंदिर का गर्भगृह छोटा था और अंदर आने और जाने का रास्ता भी एक ही था, जिसके चलते मंदिर में प्रवेश और निकालने के लिए धक्कामुक्की होने लगी और स्थिति बेकाबू हो गई। महिलाओं ने बताया कि लोग जल्दबाजी में एक-दूसरे पर चढ़ने लगे थे।
भीड़ के छंटने पर लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और मेला दोनों को तुरंत बंद कर दिया।
स्थिति को सँभालने के लिए पटना के कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पूरी घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। नीतीश कुमार की पार्टी JDU ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वालों के परिवार को 6-6 लाख रूपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने भी 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मंदिर में सुरक्षा को लेकर कोई इंतेज़ाम नहीं किये गए थे। भीड़ सँभालने के लिए अलग-अलग लाइनें नहीं बनी हुई थी। एक भी पुलिसकर्मी अंदर मौजूद नहीं था। एक महिला चक्कर खाकर गिर पड़ी, जिसके बाद धक्कामुक्की के चलते भगदड़ मच गयी और हादसा हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए हैं।
इस लिंक को शेयर करें

