तो क्या आने वाला है UCC, एक देश-एक कानून पर सरकार का काम शुरू?

तो क्या आने वाला है UCC, एक देश-एक कानून पर सरकार का काम शुरू?
राष्ट्रीय
11 Mar 2026, 01:57 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

UCC in India: जल्द ही देश में UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होगा। हर धर्म के लोगों के लिए देश में एक ही कानून काम करेगा। ये हम नहीं कह रहे बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने इसकी एक हिंट दी है। जी हां, जिस UCC पर बहस अभी तक सिर्फ संसद और सियासी गलियारों में होती थी, उस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी कर दी। और कहा कि अब वक्त आ गया है कि UCC पर विचार किया जाए। ऐसे में अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या देश में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होने वाला है? ये कब होगा? और क्या मुस्लिम समुदाय इतनी शांति से इसे लागू होने देगा? क्य़ोंकि UCC-NRC वाले मुद्दे पर समुदाय ने शाहीन बाग प्रदर्शन कर ये जता दिया था कि वो इसके लिए बिल्कुल राजी नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट भी इसे भूला नहीं। तभी उसने ये टिप्पणी करते हुए मुस्लिम महिलाओं के लिए भी दो शब्द कहे।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए की टिप्पणी?

दरअसल बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई हुई। मामला था 1937 के शरीयत कानून की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका का। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की बेंच ने साफ कह दिया कि UCC पर विचार टालने का वक्त अब खत्म हो चुका है। लेकिन कोर्ट ने साथ ही ये भी साफ किया कि आखिरी फैसला करना हमारा नहीं बल्कि संसद का काम है यानि गेंद अब सीधे विधायिका के पाले में फेंक दी गई है।

मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए बोला सुप्रीम कोर्ट

दरअसल इस याचिका में दावा किया गया था कि शरीयत कानून की कुछ धाराएं मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभाव करती हैं। इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने चेतावनी भी दी कि अगर कोर्ट इन धाराओं को रद्द कर दे, तो एक कानूनी खालीपन पैदा हो जाएगा। क्योंकि मुस्लिम उत्तराधिकार से जुड़े मामलों के लिए कोई दूसरा कानून मौजूद नहीं है। जजेज़ ने कहा कि सुधार की जल्दबाजी में ऐसा फैसला नहीं लिया जा सकता जिससे महिलाओं के अधिकार ही खत्म होते चले जाएं। कोर्ट ने कहा कि हमारे फैसले की सीमा है लेकिन UCC की जरूरत अब साफ दिख रही है।

शरीयत की धारा हटाने की मांग

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कोर्ट में कहा कि मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार मिलना चाहिए। उनका सुझाव था कि अगर शरीयत की विवादित धाराएं हट जाएँ, तो इंडियन सक्सेशन एक्ट लागू किया जा सकता है। लेकिन इस पर अदालत का जवाब था कि कानून को बदलना हमारा नहीं, विधायिका का काम है।

क्या है UCC?

यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से भारत के सभी नागरिकों पर उनके धर्म की परवाह किए बिना एक ही कानून लागू होगा। जैसे शादी, तलाक, विरासत, गोद लेने और उत्तराधिकार घोषित करना, एक से ज्यादा शादी करना। ये मुख्य तौर पर लैंगिक समानता लाने और महिलाओं को समान अधिकार दिलाने का प्रस्ताव है। चाहे ये किसी भी धर्म का हो। यानी सभी धर्मों के लिए के एक ही कानून। उत्तराखंड 2024 में इसका मॉडल पेश कर चुका है। यानि अगर देश एक कदम आगे बढ़ाए तो एक देश—एक कानून हकीकत बन सकता है। ऐसे में अब नज़रें सिर्फ एक जगह टिकी हुई हैं कि क्या केंद्र सरकार UCC का ड्राफ्ट सामने लाएगी और अगर लाएगी तो क्या देश एक ही कानून की तरफ बढ़ेगा। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो रहा है कि अगर UCC लागू होता है तो देश में क्या-क्या बड़े बदलाव हो सकते हैं और इन बदलावों को मुस्लिम समुदाय कितना मानता है? 


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