महिला आऱक्षण और परिसीमन विधेयक पर संसद में हंगामा, चर्चा के लिए पक्ष में पड़े 251 वोट

Parliament Special Session 2026: संसद के विशेष सत्र के पहले दिन केंद्र की तरफ से लोकसभा में तीनों विधेयक पेश किए गए। बिलों पर चर्चा के लिए ध्वनि मत से वोटिंग हुई। चर्चा के पक्ष में 251 वोट पड़े तो 185 सांसदों ने विरोध में मत डाले। इससे पहले तो करीब डेढ़ घंटे तक इस पर बहस हुई कि चर्चा की जाए या नहीं। बिल पेश हो या नहीं।
मुस्लिम महिलाओं को मिले आरक्षण- सपा
लोकसभा में कांग्रेस, सपा समेत समूचे विपक्ष ने इन विधेयकों का विरोध किया। कांग्रेस ने तो ये कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में बीजेपी सरकार परिसीमन के जरिए सीटों का गलत तरीके से बंटवारा करना चाहती है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी इन बिलों का विरोध करती है। इससे सरकार संविधान को हाईजैक करना चाहती है। तो वहीं सपा ने इस मुद्दे पर अपना मुस्लिम राग छेड़ दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को मिले लेकिन इससे मुस्लिम महिलाओं को क्या मिलेगा? कुछ नहीं। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने विरोध कर कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाता इस 33 प्रतिशत आरक्षण का मतलब नहीं है।
मोटा भाई ने लाल टोपी की क़ायदे से समझा दिया
काम खोलकर सुन लो विपक्षियों —- में फिर से कह रहा हूँ शांतिदूतों को धर्म के आधार पे किसी भी प्रकार आरक्षण नहीं मिलेगा
बैल्ट वाली ट्रीटमेंट शुरू हो चुकी है लाला 😂🔥 pic.twitter.com/06irf1YNdv
— Hardik Bhavsar (@Bitt2DA) April 16, 2026
अपनी सारी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को ही दे दो, हमें क्या दिक्कत- अमित शाह
सपा के इस बयान का करारा जवाब संसद में मौजूद अमित शाह ने दिया। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर मुस्लिमों को आरक्षण देना तो गैर संवैधानिक है। इसका तो कहीं से भी सवाल ही नहीं पैदा होता। समाजवादी पार्टी अपनी सारी टिकटें मुस्लिमों को, मुस्लिम महिलाओं को दे दे ना..। हमें क्या दिक्कत है।
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