कांग्रेस के नेता ने मेरी मदद की: नरेश मीणा के बयान से कांग्रेस में हलचल, रमेश मीणा पर पार्टी विरोधी गतिविधि का आरोप

राजस्थान की सियासत का मैदान कभी शांत बैठ जाये, ऐसा हो ही नहीं सकता। अंता उपचुनाव के नतीजे आने के बाद फिर से सियासत में उथल-पुथल शुरू हो गयी है। अंता की सीट जीतने के बाद भी कांग्रेस के अन्दर की स्थिति कुछ सही नहीं दिख रही है। ऐसी स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ने ऐसा बयान दिया, जिसने कांग्रेस की इस उथल-पुथल को सामने रख दिया है। नरेश मीणा का बयान है कि अंता उपचुनाव में कांग्रेस के एक पूर्व नेता ने उनकी मदद की थी। यह नेता कांग्रेस के पूर्व मंत्री रमेश मीणा है।
वायरल विडियो में दावा
नरेश मीणा का सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नरेश ने कहा कि – जब मैं हाडौती में लड़ाई लड़ रहा था, तब पूर्वी राजस्थान के किसी भी नेता ने मेरी मदद नहीं की थी। सिर्फ पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने मेरी मदद की थी। उनके अलावा और कोई मदद करने के लिए सामने नहीं आया था।
नरेश मीणा के इस बयान ने कांग्रेस के लिए मुश्किलें कर दी है। अंता उपचुनाव में कांग्रेस ने प्रमोद जैन भाया को अपने उम्मीदवार के तौर पर उतारा था। ऐसे में नरेश मीणा के इस बयान ने बड़े सवाल उठा दिए हैं। क्या रमेश मीणा ने सच में अपनी पार्टी और उसके उम्मीदवार के खिलाफ जाकर नरेश मीणा को समर्थन दिया। अगर ऐसा सच में हुआ है, तो ये पार्टी के नियमों का उल्लंघन है और पार्टी की अंदरूनी बगावत को दिखाता है।
रमेश मीणा है पायलट समर्थक
आपको बता दें कि रमेश मीणा पूर्व सरकार में मंत्री थे और सचिन पायलट के प्रमुख समर्थकों में से एक है। रमेश ने 2020 में मानेसर कांड के वक़्त सचिन पायलट के साथ बगावत में साथ दिया था।
अंता चुनाव के प्रचार दौरान अशोक गहलोत ने कहा था कि नरेश मीणा किसी और के हाथों में खेल रहा है। अब इन दोनों बातों को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है और इनको लेकर अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही है।
मामले में टीकाराम जूली ने अधूरा जवाब देते हुए कहा कि वे इस मामले में जानकारी जुटा रहे हैं। लेकिन बयान के बाद उथल-पुथल शुरू तो हो ही चुकी है। कांग्रेस के अन्दर चल रही गुटबाजी फिर एक बार नज़रों में आ चुकी है।
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