सदन में गूंजा गाय-भैंस के दूध पीने का मुद्दा, विपक्ष का टारगेट पर मदन दिलावर, लगे मुर्दाबाद के नारे

Rajasthan Assembly: गुरुवार को राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही में जबरदस्त हंगामा हुआ, घमासान हुआ, नारेबाजी हुई, इस्तीफा मांगा हुआ और तो और मुर्दाबाद के नारे तक लगे। जी हां, सदन में विपक्ष के निशाने पर शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर निशाने पर रहे। विपक्ष ने शिक्षा, पंचायती राज चुनाव, पंचायत राज के अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने जबरदस्त माहौल बनाया और मदन दिलावर को घेरने की मजबूत रणनीति बनाई जो बहुत हद तक कारगर होती भी द़िखाई दी। चाहे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली हों, लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा हों या कांग्रेस का कोई और विधायक हों...समूची कांग्रेस ने एकजुट होकर मदन दिलावर के खिलाफ हल्ला बोला और ‘शिक्षा मंत्री मुर्दाबाद, शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ जैसे नारेबाजी की इतना ही नहीं नारेबाजी करते हुए जूली-डोटासरा-रफीक खान समेत कांग्रेस सदस्य वेल में उतर आए और जब संसदीय कार्यमंत्री बोलते रहे तब विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया।
क्या था मुद्दा?
पहला मुद्दा तब उठा जब पशुओं के बीमा के मामले में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत अपना जवाब दे रहे थे, पहले तो जूली और कुमावत में इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई, फिर बहस-बहस में ही ये मुद्दा घूम-फिरकर मदन दिलावर पर आ गया। बस कांग्रेस ने ये मुद्दा लपका और फिर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगने लगे, उन्होंने शिक्षा मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए।
थोड़ी देर बाद जब सदन में पंचायती राज और ग्रामीण विकास पर विचार और पारण पर चर्चा शुरू हुई। इस मुद्दे पर पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाषण दिया फिर डोटासरा का भाषण शुरू हुआ। डोटासरा ने सरकार पर निशाना साधा कि सरकार अपनी हार के डर से पंचायत निकाय चुनाव नहीं करा रही है। उन्होंने पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर को सीधा टारगेट किया औऱ कहा कि इन्हें तो किरोड़ी का काम खत्म करने के टास्क पर रखा है। जिसे पंचायत का प नहीं आता और शिक्षा का श नहीं आता उसे तो ये मंत्रालय थमा दिए गए हैं।
गाय-भैंस के दूध पर डोटासरा-दिलावर में जोरदार झड़प
इस मुद्दे पर डोटासरा जब किरोड़ी से बहस कर रहे थे, तभी उन्होंने किरोड़ी से पूछ लिया कि आप ये बताइये कि शिक्षा मंत्री भैंस का दूध पीते हैं या गाय का दूध, इस पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल भड़क उठे ,पहले इनमें बहस हुई। तब डोटासरा ने कहा कि मेरा नाम डोटासरा है डोटासरा...सांस भी ले लूं तो चौकड़ी भूला दूंगा, मदन दिलावर पर इतने केस हैं ये हाईकोर्ट से बेल पाए हुए हैं। इस पर मदन दिलावर भड़क उठे और फिर सदन में इतनी जोरदार बहस हुई कि सभापति को शांत करने में मिनटों लग गए।
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