Jaipur: राजस्थान कर्मचारी महासंघ की चेतावनी महारैली, 36 घंटे उपवास के बाद सरकार पर तगड़ा हमला
Jaipur: प्रदेश सरकार के खिलाफ राजस्थान के कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। 36 घंटे के उपवास के बाद भी सरकार की तरफ से कोई ठोस संकेत ना मिलने पर सोमवार को राजधानी में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने बड़ी चेतावनी महारैली का आयोजन किया गया। रैली के दौरान कई कर्मचारी प्रतीक के तौर पर मुर्गा बनकर बैठे, जबकि कुछ कर्मचारी नाचते हुए मार्च में शामिल हुए।
ये रैली रामनिवास बाग स्थित अल्बर्ट हॉल से शुरू हुई और सिविल लाइंस से होती हुई 22 गोदाम चौराहे पर बड़ी सभा में तब्दील हो गई। कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य में भाजपा सरकार के दो साल पूरी कर चुकी है। लेकिन अब तक मुख्यमंत्री की तरफ से संगठन के साथ किसी प्रकार का संवाद नहीं किया गया। महासंघ ने चेताया है कि मांगों पर अगर जल्द बातचीत और फैसला नहीं हुआ तो इसका असर आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है।
‘सरकार के पास कर्मचारियों के लिए सिर्फ 40 सेकंड’
इस मुद्दे पर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा ने कहा कि सरकार की चुप्पी कर्मचारियों को मजबूर कर रही है कि वे आंदोलन का रास्ता अपनाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट से पहले हर वर्ग से सुझाव मांगे जा रहे है। लेकिन कर्मचारियों की बात सुनने के लिए सरकार के पास मात्र “40 सेकंड” का समय है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के पहले चरण के तहत महासंघ ने मंगलवार को शहीद स्मारक पर 36 घंटे का उपवास शुरू किया था। इस उपवास में महासंघ के पदाधिकारी और प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य शामिल रहे। कर्मचारियों ने सरकार से 7 संकल्प और 11 सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग दोहराई।
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