1 अप्रैल से बड़ा बदलाव! केंद्र ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम सख्त किए, राजस्थान की हजारों प्राइवेट बसें-टैक्सियां फंस सकती हैं

All India Tourist Permit New Rules: केंद्र सरकार का सड़क परिवहन मंत्रालय जल्द ही देशभर में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नियमों में बड़ा बदलाव करने वाला है। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे, जिसका सबसे ज्यादा असर सीधे तौर पर राजस्थान में चलने वाली हजारों प्राइवेट टूरिस्ट बसों और टैक्सियों पर पड़ने वाला है, खासकर उन वाहनों पर, जिनका रजिस्ट्रेशन किसी और राज्य में है और ऑपरेट दूसरे राज्य में हो रहे हैं।
साथ ही, उन बसों और गाड़ियों पर कार्रवाई होगी, जो टोल चोरी, पेंडिंग चालान, नियम ना मानने वाली और बिना स्टॉप बीच रास्ते में सवारियां बैठाती है।
नए नियमों के अनुसार, अब बसों और दूसरी गाड़ियों को ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट सिर्फ उसी राज्य से जारी होगा, जहां वो वाहन रजिस्टर्ड है। साथ ही यह भी ज़रूरी होगा कि वाहन का ड्राईवर या मालिक भी उसी राज्य से हो। इससे दूसरे राज्यों से फर्जी परमिट लेने वालों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी।
नियमों में टोल चोरी करने और पुराने चालान व दस्तावेजों की जांच को भी सख्त कर दिया है। अगर वाहन नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम में दर्ज हुआ, लेकिन टोल नहीं भरा, तो उसे गाडी के नाम बकाया दर्ज कर दिया जाएगा। परमिट के लिए आवेदन करने पर इंश्योरेंस, फिटनेस, PuC और टैक्स की ऑनलाइन जांच होगी। 45 दिन से अधिक पुराने बकाया चालान साफ न करने पर परमिट नहीं मिलेगा।
सबसे बड़ा बदलाव यह कि टूरिस्ट वाहन अब लोकल या प्राइवेट बस की तरह इस्तेमाल नहीं हो सकेंगे। ड्राईवर को यात्रियों की पूरी लिस्ट और यात्रा का रूट हमेशा साथ रखना होगा।
राजस्थान में इस वक़्त 8 हजार से ज्यादा प्राइवेट बसें ऐसी है, जो दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड हैं, क्योंकि यहां टैक्स रेट काफी ज्यादा हैं। ऑपरेटर्स का कहना है कि नए नियमों से इन बसों का परमिट रिन्यू नहीं हो पाएगा, जिससे उनका कारोबार ठप पड़ सकता है।
ट्रांसपोर्ट विभाग ने कहा है कि 1 अप्रैल से नया परमिट या रिन्यूअल नए नियमों के तहत ही होगा।
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