डिप्टी CM दीया कुमारी की अजमेर में मीटिंग, LPG समेत इन मुददों पर हुई चर्चा

Ajmer: अजमेर की जिला प्रभारी मंत्री और डिप्टी CM दीया कुमारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान के कार्यक्रम में वीसी के जरिए हिस्सा लिया। प्रभारी सचिव श्री नीरज के. पवन और जिला कलेक्टर लोक बन्धु ने कई योजनाओं और मामलों की रिपोर्ट डिप्टी सीएम को दी।
मीटिंग में पुष्कर कॉरिडोर पर भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि पुष्कर में सौंदर्यीकरण और सफाई के काम अजमेर विकास प्राधिकरण से अभी से करवाए जाने चाहिए। अतिक्रमण भी हटाए जाए। पुष्कर सरोवर के घाटों पर सांकल लगाने से दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा।
मीटिंग में कहा गया कि राइजिंग राजस्थान के अन्तर्गत निवेश प्रोत्साहन ब्यूरो के माध्यम से जिले में कुल 1810 एमओयू से लगभग 170489 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन एमओयू में से 337 में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है और 159 एमओयू में कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिला स्तर पर कुल संपादित 593 एमओयू में 143 एमओयू में ग्राउंड ब्रेकिंग हो गयी है एवं 82 एमओयू क्रियान्वित होकर उत्पादन प्रारंभ कर चुके हैं।
गर्मियों में पानी की समस्या पर चर्चा
उपमुख्यमंत्री ने गर्मी के सीजन को ध्यान में रखते हुए समर कंटीजेंसी प्लान की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में पेयजल की नियमित और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों में 30 अप्रैल तक वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं। अधिकारी फिल्ड में रहें। समर कन्टीजेन्सी 2026 के तहत शहरी क्षेत्र के लिए 134 लाख के 10 कार्यों और ग्रामीण क्षेत्र हेतु 525 लाख के 44 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। आमजन को सुचारू पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। वर्तमान मे शहरी क्षेत्र में 48 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 72 से 96 घण्टे के अन्तराल पर पेयजल वितरण किया जा रहा है। ग्रीष्मकाल 2026 में पेयजल परिवहन हेतु शहरी क्षेत्र में 23 लाख तथा ग्रामीण क्षेत्र में 159 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। इससे आमजन को गर्मी के दौरान पेयजल की कमी नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश
वीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं शहरी वार्ड अभियान के शुभारंभ में भाग लेते हुए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए तथा अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। इससे प्रत्येक ग्राम का मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य होगा। वर्ष 2047 तक राष्ट्र को विकसित बनाने में इस अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उपमुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय रोजगार सृजन एवं आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी। स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर एवं सशक्त किया जा रहा है। एक जिला एक उत्पाद के अन्तर्गत जिले की मार्बल एवं ग्रेनाईट उत्पाद संबंधित कुल 49 इकाईयों को 729.62 लाख रूपये का मार्जिन मनी एवं बाजार सहायता अनुदान स्वीकृत तथा 410 लाख रूपये वितरित किया जा चुका है।
LPG गैस आपूर्ति पर नजर
जिले में एलपीजी गैस एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए दीया कुमारी ने वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आपूर्ति सरकार द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। जिले के लिए गैस प्लांट से गैस एजेंसियों को घरेलू गैस सिलेण्डरों की नियमित आपूर्ति हो रही हैं। वर्तमान में घरेलू गैस सिलेण्डर प्राप्त करने के 25 दिन बाद अगली बुकिंग करवाई जा सकती है। बुकिंग के दो से तीन दिन में उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। आपूर्ति आधारजनित ओटीपी तथा डीएससी द्वारा ही की जा रही है। वर्तमान स्थिति के अनुसार जिले में 22 हजार 700 से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध है। इनमें से 15 हजार 700 की बुकिंग के विरूद्ध 12 हजार 200 की डिलेवरी की गई। जिले में औसत प्रतीक्षा अवधि एकल सिलेंडर के लिए 2.5 दिन तथा डबल के लिए 3 दिन है। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी एवं घरेलु गैस के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए कठोर कार्यवाही होनी चाहिए। इस संबंध में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही हो।
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