ईद नहीं...खामेनेई का मातम मना रहे मुसलमान? सड़कों पर उतरकर लहराए पोस्टर, नारेबाजी की तो हिंदुओं ने बरसाए फूल

देश-दुनिया में शनिवार को मुस्लिम धर्म के लोग अपना सबसे बड़ा त्यौहार ईद मना रहे हैं। लेकिन इस बार मुस्लिमों ने इसे इस तरह मनाया जैसे त्यौहार नहीं शोक मना रहे हों। जी हां, दरअसल जयपुर, अजमेर जैसे कई जिलों से तस्वीरें आई हैं जिसमें मुस्लिम लोग हाथ पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं। काली पट्टी बांधकर उन्होंने विरोध और शोक जताया है जो ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के मारे जाने को लेकर था।
#festival जयपुर ईदगाह में ईद की नमाज अदा कर रहे मुस्लिम समाज के लोगों पर हिंदू भाइयों ने फूल बरसाए: राजस्थान में एक बार फिर गंगा-जमुनी तहज़ीब देखने को मिली: बचपन से सुनते आए हैं कि पानी पर कितनी ही लाठी बरसाओ, पानी से पानी अलग नहीं होता: आज देख भी लिया: ये वीडियो काफी वायरल है: pic.twitter.com/ntSs2HYGna
— Ahmed siraj Farooqi (@siraj_farooqi) March 21, 2026
कहीं नाराज़गी, तो कहीं सिर्फ़ नमाज़ अदा की गई।
इज़राइल और अमेरिका के हमलों में मारे गए करीब 180 मासूम बच्चों को याद किया गया, साथ ही अली ख़ामेनई के नाम पर भी ग़म का इज़हार हुआ।
जयपुर के कई इलाकों में ईद का त्योहार फीका नजर आया और जगह-जगह प्रदर्शन भी देखने को मिले pic.twitter.com/EvkHapPjLO
— Nazim Hasan (@NazimHasanRJ) March 21, 2026
सड़कों पर काले झंडे और पोस्टर लेकर उतरे मुसलमान
जयपुर में आमेर समेत कई इलाकों में मुस्लिम समाज के लोग जिसमें महिलाएं-बच्चे-युवा-बुजुर्ग सभी शामिल थे। उन्होंने हाथों में काले झंडे लिए हुए थे। उन्होंने मिडिल ईस्ट में युद्ध को लेकर नारेबाजी की। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए।
ना मिठाईयां खिलाई, ना नए कपड़े खरीदे
अजमेर की विश्व प्रसिद्ध दरगाह ख्वाजा मोहनुद्दीन दरगाह का जन्नती दरवाजा तक सिर्फ आधे दिन के खोली गई है। नमाजियों ने नमाज तो अदा की लेकिन पहले जैसा उत्साह नहीं दिखाया। मस्जिद के इमाम ने कहा कि समुदाय ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत का शोक मना रहा है। लोगों ने मिठाईयां खरीदी ना खिलाईं, ना ही नए कपड़ों की शॉपिंग की। ये खामेनेई की शहादत में शोकग्रस्त हैं।
हिंदुओं ने बरसाए फूल
यानी तस्वीर साफ है कि ईद के दिन मुस्लिम समाज के लोगों ने त्यौहार नहीं बल्कि शोक मनाया है। जयपुर में कई इलाकों में मुसलमानों पर हिंदू समाज के लोगों ने फूल बरसाए। हिंदू-मुस्लिम सामाजिक एकता समिति की तरफ से ये आयोजन किया गया। ये देश में भाईचारे को बढ़ावा देती है। हिंदू त्योहारों पर समिति के मुस्लिम सदस्य हिंदुओं पर फूल बरसाते हैं और मुस्लिम त्यौहारों पर हिंदू उन पर फूल बरसाते हैं।
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