कटारा से जेल में मिलकर किरोड़ी ने फोड़ा ‘लेटर बम’, बताया कौन है पेपर लीक का असली मगरमच्छ?

Kirodi Lal Menna on Babu Lal Katara: RPSC के पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा को जब से सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है, तब से राजस्थान का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। तो अब कैबिनेट मंत्री डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर सेंट्रल जेल में बंद आरोपी बाबूलाल कटारा से मुलाकात कर ली है। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को एक लेटर लिखा है। जिसमें उन्होंने कटारा से हुई मुलाकात और उसके बयानों का जिक्र किया है।
एक बार फिर गरमाया पेपर लीक मामला, मंत्री किरोड़ी ने आरोपी बाबूलाल कटारा से की मुलाकात, किरोड़ी मीणा ने मुलाकात के बाद CM को लिखा पत्र!@DrKirodilalBJP @BJP4Rajasthan #RajasthanNews @RajCMO @BhajanlalBjp pic.twitter.com/fmNW46twjV
— Bharat Raftar TV (@BharatRaftarTV) February 13, 2026
क्या लिखा है लेटर में?
किरोड़ी लाल मीणा का ये लेटर ना सिर्फ पेपर लीक के पुराने घावों को कुरेदता है, बल्कि सिस्टम की गहरी सड़ांध को भी उजागर करता है। किरोड़ी लाल मीणा ने लेटर में लिखा है कि बाबूलाल कटारा से हुई चर्चा में कटारा ने दावा किया कि पूरे फर्जीवाड़े को इस तरह प्रचारित किया जा रहा है मानो सब कुछ उन्होंने अकेले किया हो, जबकि असली दोषी यानी बड़े मगरमच्छ आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। कटारा ने किरोड़ी को बताया कि RPSC में उनके कार्यकाल के दौरान तत्कालीन अध्यक्ष संजय क्षोत्रिय, कार्यवाहक अध्यक्ष और सदस्य शिव सिंह राठौड़ समेत दूसरे सदस्यों के संगठित रूप से फर्जीवाड़े की साजिश रची जाती थी। यहां तक कि इंटरव्यू में अभ्यर्थियों को कितने नंबर देने हैं, ये पहले से तय होता था। जब किरोड़ी ने OMR शीट और उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी के बारे में पूछा, तो कटारा ने साफ कहा कि जब इंटरव्यू में खुला खेल हो सकता है, तो ओएमआर और उत्तर पुस्तिकाओं में फर्जीवाड़ा क्यों नहीं
कौन है पेपर लीक का बड़ा मगरमच्छ?
अब सवाल यह है कि किरोड़ी लाल मीणा बार-बार जिन 'बड़े मगरमच्छों' की बात कर रहे हैं, वे कौन हैं? किरोड़ी मीणा लंबे समय से पेपर लीक के मास्टरमाइंड्स पर निशाना साधते रहे हैं। वे कहते हैं कि छोटी मछलियों को पकड़ने से कुछ नहीं होगा, असली खेल बड़े खिलाड़ियों का है। उनके मुताबिक, पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुए 17-18 पेपर लीक में मंत्री स्तर के नेता, IAS अधिकारी और RPSC के उच्च पदाधिकारी शामिल थे। किरोड़ी ने SOG को इनके खिलाफ पुख्ता सबूत सौंपे हैं, लेकिन कार्रवाई की रफ्तार धीमी होने पर वे सत्याग्रह की धमकी भी दे चुके हैंडोटासरा पर बीजेपी का निशाना
इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के PSO और उनके बेटे की गिरफ्तारी ने भी सनसनी फैलाई है। किरोड़ी मीणा ने कहा कि SOG अब बड़े मछलियों तक पहुंच रही है और ये उनके प्रयासों का नतीजा है। पिछले कई दिनों से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर समेत कई बीजेपी के बड़े नेता पीसीसी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा पर पेपरलीक के षड्यंत्र का आरोप लगा रहे हैं और उनके जेल जाने की बात तक कह रहे हैं।दूसरी तरफ कांग्रेस के कुछ नेता जैसे दिनेश खोड़निया और उनके सहयोगी अशोक जैन पर भी आरोप हैं कि उन्होंने बाबूलाल कटारा को RPSC सदस्य बनाने के लिए 1.2 करोड़ की डील की थी, जिसमें 40 लाख रुपये एडवांस लिए गए। ये पैसे कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूले गए थे। ED ने भी इस मामले में कई छापे मारे हैं, और पूर्व कांग्रेस सरकार के 6 नेताओं के नाम उजागर होने की बात कही जा गयी है जिसमे पूर्व विधायक सांसद और मंत्री तक शामिल हैं।
किरोड़ी मीणा की CM भजनलाल से मांग
यह मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों का है। किरोड़ी मीणा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बड़े मगरमच्छों पर सख्त कार्रवाई हो, और एसओजी की जांच तेज की जाए। वहीं, विपक्षी कांग्रेस इसे राजनीतिक साजिश बता रही है लेकिन सवाल वही है – क्या असली दोषी पकड़े जाएंगे, या फिर छोटे आरोपी ही बलि का बकरा बनेंगे?
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