राजस्थान के स्कूल पर बड़ा हमला, 5 की मौत, मचा हड़कंप

राजस्थान के स्कूल पर बड़ा हमला, 5 की मौत, मचा हड़कंप
राजस्थान
21 Apr 2026, 10:03 am
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Churu School Attack: प्रदेश के एक स्कूल में बड़ा हमला हो गया। जिसमें 5 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं कम से कम 20 लोग गंभीर घायल हो गए हैं। जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। वहीं हमले की खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और मौका-मुआयना कर तत्काल राहत और बचाव कार्य में रेस्क्यू टीम को लगा दिया। इस बड़े हमले से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है। सभी में डर का माहौल हो गया है। वहीं हमले के बाद स्कूल समेत आस-पास के इमारतों की भी छान-बीन की जा रही है।

ये बात जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल के जरिए पता चली वैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों तक के हाथ-पांव फूल गए। अब आपको असली बात बताते हैं। दरअसल ये कोई असल में हुआ हमला नहीं था बल्कि मॉक ड्रिल थी। जी हां, ये महज इमरजेंसी हालातों में, दुश्मन के हमले के दौरान या फिर हादसे के दौरान होने वाली स्थिति से निपटने के लिए एक एक्सरसाइज़ थी। ये खबर पढ़कर जैसे आप चौंक गए और परेशान हो गए वैसे ही स्थानीय लोगों में हलचल मच गई थी कि आखिर ये अचानक हो क्या गया है? लेकिन कलेक्टर अभिषेक सुराणा में मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया कि ये एक मॉक ड्रिल एक्सरसाइज़ थी। असल में यहां कोई हमला नहीं हुआ है।

मॉक ड्रिल के बाद ब्लैक आउट

कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने बताया कि मॉक ड्रिल के बाद रात में ब्लैक आउट भी हुआ। जिसका सफल आयोजन कराया गया। इसे पूरी प्रशासनिक और पुलिस विभाग की तैयारी के साथ किया गया। वहीं ADM अर्पिता सोनी ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए केंद्रीय विद्यालय में हवाई हमले को आधार बनाया गया। जिसमें 5 लोगों की मौत दिखाई और करीब 20 लोगों को घायल बताया। इस मॉक ड्रिल में लोगों को बताया कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं, वहीं मेडिकल टीम को ये समझाया गया कि कैसे लोगों को कम समय में इलाज मिले और उन्हें कैसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए। इसके अलावा बच्चों को भी बताया गया कि इस तरह की आपात स्थिति में कैसे धैर्य से काम लेना है। अपने साथ-साथ दूसरों की भी मदद करनी है।

सलूंबर में भी हुआ था मॉक ड्रिल

सोमवार को चुरू के साथ ही सलूंबर में भी मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का अभ्यास हुआ। रात 8 बजे से 8:10 बजे तक कंप्लीट ब्लैकआउट किया गया। इस दौरान सभी सरकारी-गैर सरकारी इमारतों, घरों, प्रतिष्ठानों और सड़क पर भी वाहनों की लाइट्स को बंद कराया गया। हवा में सिर्फ सायरन की आवाज गूंजती रही। ये ब्लैक आउट भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक एक्सरसाइज़ थी।

क्यों होती है मॉक ड्रिल

बीते साल 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए थे। लगातार 10 दिनों तक भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान से आती मिसाइलों को भारत के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने सेकेंड्स भर में चकनाचूर कर दिया था।

इसके बाद ऐसी स्थिति से निपटने के लिए देश के कई राज्यों खासकर बॉर्डर वाले राज्यों जैसे राजस्थान में इस तरह की मॉक ड्रिल एक्सरसाइज़ कराई जाती है। ताकि लोगों को ऐसी स्थिति से बचाया जा सके और किसी भी अनहोनी से रोका जा सके। मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट युद्ध, एयरस्ट्राइक, आतंकी हमलों जैसे हालातों में प्रशासनिक और नागरिक सुरक्षा की तैयारी भर है। इससे आम लोगों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ती है, इमरजेंसी हालातों में रिस्पॉन्स टीम को परखा जाता है। वहीं ब्लैकआउट दुश्मन की हमलों और उनकी नजरों से बचने के लिए किया जाता है।


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