मीणा समाज के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव तेज, एक साथ आए नरेश मीणा और मनोज मीणा, जानें पूरा मामला

Naresh Meena: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर मीणा समाज को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मीणा समाज के अधिकारों और सामाजिक न्याय की लड़ाई को लेकर अक्सर मुखर रहने वाले नरेश मीणा ने एक बार फिर सरकार को घेरते हुए बड़ा हमला बोला है। बताया जा रहा है कि एक युवती सौम्या मीणा के साथ पुलिस और निगम के कर्मियों की कथित मारपीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले में नरेश मीणा ने खुलकर सरकार पर निशाना साधा है। वहीं राजस्थान युवाशक्ति एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मीणा ने भी ये मामला उठाय़ा है।
सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाना अपराध नहीं है.! हमारी छोटी बहन सौम्या मीणा ने गरीब बुजुर्ग दिव्यांग महिला और कमजोर वर्ग के हक में आवाज उठाई थी, लेकिन अब निगम और पुलिस द्वारा बहन सौम्या मीणा और उनके परिवार को प्रताड़ित किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.! आज पुलिस और निगम के लोगों ने जिस… pic.twitter.com/9wNIUCNfIZ
— Naresh Meena (@NareshMeena__) February 13, 2026
नरेश मीणा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्ग के हक में आवाज उठाने वाली मीणा समाज की बेटी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
नरेश मीणा ने सरकार पर खड़े किए सवाल
नरेश मीणा ने सीधे तौर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा नहीं हो रही है तो यह सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही।
मनोज मीणा ने भी उठाए सवाल
इधर मनोज मीणा ने सौम्या मीणा और उनके परिवार के साथ हुई कथित प्रताड़ना को शर्मनाक बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग की आवाज दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समाज का मुद्दा ले रहा सियासी रंग
मीणा समाज में इस घटना को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता नजर आ रहा है और अब ये मामला सियासी रंग भी लेता जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मीणा समाज के मुद्दों को लेकर एक बार फिर नरेश मीणा और मनोज मीणा साथ नजर आ रहे हैं और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी? क्या मीणा समाज की बेटी को न्याय मिलेगा? और क्या इस पूरे विवाद से राजस्थान की सियासत में नया समीकरण बन सकता है? फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीति गरमाई हुई है और आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
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