पचपदरा रिफाइनरी: क्या सुरक्षा परीक्षण के बिना ही PM मोदी का रैली कर दी आयोजित? इतनी लापरवाही कि PM की सेफ्टी के बारे में भी नहीं सोचा

पचपदरा रिफाइनरी: क्या सुरक्षा परीक्षण के बिना ही PM मोदी का रैली कर दी आयोजित? इतनी लापरवाही कि PM की सेफ्टी के बारे में भी नहीं सोचा
राजस्थान
23 Apr 2026, 12:36 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Pachpadra Refinery Fire Incident: पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग ने राजस्थान से लेकर दिल्ली तक हंगामा मचा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसी जगह पर दौरा हो और इसके महज़ 20 घंटे पहले ही वहां इतनी बड़ी आग लगे तो सवाल तो बहुत बनते हैं और ये होना लाज़िमी भी है। अब सबसे बड़ी ये सामने आई है रिफाइनरी का काम पूरा नहीं था और सुरक्षा परीक्षण भी अधूरा था बावजूद इसके प्रशासन और शासन पीएम मोदी का दौरा एक महीने पहले ही घोषित कर दिया। और तो और इस एक महीने में भी इस काम वो पूरा नहीं किया जा सका। और किया भी कैसे जाता, काम बहुत ज्यादा बाकी था।

रिफाइनरी का कितना काम हुआ?

पेट्रोलियम विभाग के मुताबिक रिफाइनरी का दिसंबर 2025 तक 90.4% काम हुआ और 20 अप्रैल तक करीब 92% काम ही पूरा हुआ था। यानी 9.6% काम अधूरा रहा और कंपनी सोच रही थी कि इतने काम को वो 3 महीने में ही पूरा कर लेंगे। जबकि 2016 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट को 90% तक पूरा होने में 8 साल लग गए।

जानकारों के मुताबिक रिफाइनरी का 90% से 100% का जो 'कमीशनिंग फेज’ होता है वो सबसे संवेदनशील होता है। क्योंकि जहां लीकेज, प्रेशर और सिस्टम फेल होने का खतरा बना रहता है। दिसंबर तक 9 में से 8 यूनिट्स का मैकेनिकल काम पूरा था। लेकिन CDU यूनिट (क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट) में पहली बार कच्चा तेल डालने के दौरान जोखिम सबसे ज्यादा होता है।

रिफाइनरी को संचालन के लायक तभी माना जाता है, जब वो 72 घंटे तक लगातार बिना रुकावट चले। जबकि रिफाइनरी में आग के वक्त तो यूनिट ट्रायल पर ही थी। यहां के जिस हिस्से में आग थी, उसे मैकेनिकल तरीके से तैयार किया गया था। दूसरी सबसे बड़ी हैरानी की बात ये है कि जब आग लगी तो CDU के सेंसर ने सिग्नल ही नहीं दिया। जबकि गैस रिसाव होते ही अलार्म बजना चाहिए था और ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर भी एक्टिव होना चाहिए था। स्प्रिंकलर तो चालू हुए, लेकिन सेंसर ने अलर्ट ही नहीं भेजा।

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NIA क्या कर रही है?

इधर NIA ने रिफाइनरी के कंट्रोल रूम के आखिरी 48 घंटे को खंगालना शुरू कर दिया है। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या ये सिर्फ तकनीकी चूक थी या फिर सिस्टम से कोई छेड़छाड़ की गई थी।

NIA और गृह मंत्रालय की टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले के 48 घंटे की पूरे घटनाक्रम की एक-एक कड़ी जोड़कर जांच का पैटर्न बनाया है। कंट्रोल रूम के डेटा लॉग, सीसीटीवी फुटेज और यूनिट में एंट्री करने वाले हर एक शख्स की मूवमेंट को भी बारीकि से देखा जा रहा है।

अब कब शुरू होगा काम

अगर पीएम तय समय 21 अप्रैल को रिफाइनरी का उद्घाटन कर देते तो 1 जुलाई 2026 से रिफाइनरी से प्रोडक्शन शुरू हो जाता लेकिन अब दोबारा इसकी मरम्मत के बाद शुरू होने में लगभग 5 महीने लगेंगे। जाहिर है कि इससे रिफाइनरी की लागत भी बढ़ जाएगी। बता दें कि 2013 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 37,230 करोड़ थी जो 2025 तक बढ़कर 79,459 करोड़ हो गई। जिसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए थे। फिर जब अगस्त 2025 तक रिफाइनरी बनकर तैयार हो गई लेकिन उत्पादन शुरू नहीं हुआ, तब कांग्रेस ने बीजेपी के जनवरी 2026 में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के दावों पर तंज कसा था।

PM के मंच पर पहुंचकर बनाया था वीडियो, ये मानी गई PM की सुरक्षा में चूक

पचपदरा रिफाइनरी में आग वाले मामले में जोधपुर रेंज IG सत्येंद्र सिंह ने पचपदरा SHO अचलाराम को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल आग वाली घटना के दिन जब पीएम मोदी का दौरा रद्द हो चुका था, उसके बाद एक युवक प्रतिबंधित एरिया में घुस गया था और सीधे पीएम मोदी के मंच तक पहुंच गया था। वहां से उसने वीडियो भी बनाए और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। इसे पुलिस प्रशासन ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक माना है। वहीं IG ने RAC कमांडेंट को लेटर भी लिखा है। उन्होंने इसमें मंच पर तैनात RAC जवानों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और कार्रवाई की मांग की है।

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