14,40,00,00,00,000 रुपए की राजस्थान से वसूली पर अड़ा पंजाब, 66 साल बाद अब क्यों पानी पर छिड़ी रार?

14,40,00,00,00,000 रुपए की राजस्थान से वसूली पर अड़ा पंजाब, 66 साल बाद अब क्यों पानी पर छिड़ी रार?
राजस्थान
19 Mar 2026, 03:46 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Rajasthan Punjab Water Dispute: राजस्थान और पंजाब के बीच अब पानी को लेकर रार छिड़ती नजर आ रही है। पंजाब सरकार ने बीते दिन ये कहा था कि वो राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ी की राशि वसूलेगा। राजस्थान और पंजाब के बीच पानी को लेकर सबसे बड़ा राजनीतिक बवाल है जिसे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुरू कर दिया है। भगवंत मान ने ये कह दिया है कि राजस्थान हमारा 1.44 लाख करोड़ बकाया चुका दे, वरना पानी लेना बंद करे। ये मुददा क्या है, ये हम आपको बता रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल पंजाब और राजस्थान के बीच ये टकराव पानी को लेकर है। ये दो राज्यों के बीच 66 साल पुरानी तकरार का सबसे बड़ा टकराव है। भगवंत मान का दावा है कि 1960 के बाद से राजस्थान ने पंजाब को पानी का एक पैसा नहीं दिया है, जिसकी वजह से उन पर 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया चढ़ गया है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि या तो राजस्थान बकाया चुकाए या पंजाब का पानी छोड़ दे। संदेश साफ है कि अब पंजाब पानी मुफ्त में नहीं बहने देगा।

क्या पानी का ये गणित?

दरअसल राजस्थान पंजाब से हर दिन 18,000 क्यूसेक पानी ले रहा है। ये पानी फिरोजपुर फीडर और राजस्थान फीडर के जरिए आता है। पंजाब सरकार का आरोप है कि राजस्थान से दशकों तक पानी लिया गया लेकिन भुगतान बंद कर दिया है।

अब इसके थोड़ा इतिहास में जाते हैं। ये कहानी शुरू होती है 1920 के त्रिपक्षीय समझौते से— जो ब्रिटिश सरकार, बहावलपुर रियासत और बीकानेर स्टेट के बीच हुआ था। इस समझौते में कहा गया था कि राजस्थान को पंजाब से पानी लेना है तो रॉयल्टी देनी होगी। राजस्थान ने पंजाब को 1960 तक पैसे दिए लेकिन 1960 के बाद सिंधु जल संधि हुई और भुगतान बंद कर दिया गया। अब भगवंत मान का तर्क है कि 1920 का समझौता कभी रद्द नहीं हुआ इसलिए भुगतान बंद कैसे हो सकता है?

भगवंत मान ने हिसाब लगाया है कि 1960 से 2026 तक लिए गए पानी पर बकाया जोड़कर कुल रकम 1,44,000 करोड़ बनती है। इतना पैसा कि किसी भी राज्य का बजट हिल जाए। सीएम ने राजस्थान सरकार को पत्र भेजा है। केंद्र को भी शामिल करने की तैयारी है। मान का कहना है कि राजस्थान से वसूली में इस बार वसूली में कोई ढिलाई नहीं होगी। पंजाब अपना हक लेकर रहेगा। ये साफ संकेत है कि ये मामला अब राज्य से निकलकर दिल्ली तक पहुंचेगा।

तो सवाल ये क्या राजस्थान 1.44 लाख करोड़ देगा? क्या पंजाब पानी रोकेगा? क्या ये मामला कोर्ट, केंद्र या किसी बड़ी कमेटी तक जाएगा? ये सवाल अब राजस्थान की सियासत से उठकर केंद्र की राजनीति का भी दरवाजा खटखटाने वाले हैं, ऐसे में अब आगे क्या होगा, ये देखना बेहद दिलचस्प रहेगा?


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