महिला आरक्षण पर बीजेपी को जवाब देने उतरेंगी कांग्रेस की महिला नेता, जानिए लिस्ट में किसका-किसका नाम

Women Reservation: देश में महिला आरक्षण बिल को लेकर बीजेपी, कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर हमलावर है। राजस्थान समेत कई राज्यों में बीजेपी रैली निकाल रही है प्रदर्शन कर रही है और बता रही है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की वजह से ये बिल पास नहीं हो पाया। तो वहीं कांग्रेस इस पर बात पर बीजेपी को घेर रही है कि पुराना बिल ही लागू करो आज करो और अभी करो। लेकिन फिर भी कांग्रेस की ये रणनीति उसकी बिगड़ी छवि को सुधारने के लिए कम पड़ रही है। इसका समाधान भी कांग्रेस ने कर लिया है। महिला नेताओं की फौज खड़ी कर।
24 और 25 अप्रैल को राजस्थान भर में प्रेस कांफ्रेंस करेंगी महिला नेता
दरअसल बीती मंगलवार देर रात राजस्थान कांग्रेस ने एक लिस्ट जारी की जिसमें उन महिला नेताओं के नाम है जो 24 और 25 अप्रैल को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रेस कांफ्रेंस कर महिला आरक्षण पर बीजेपी के अटैक का जवाब देंगी। कांग्रेस ने लिस्ट जारी करते हुए कहा कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश के मुताबिक महिला आरक्षण पर BJP के फैलाए जा रहे भ्रम के खिलाफ 22 से 24 अप्रैल 2026 को प्रदेशभर में ज़िला स्तर पर प्रेसवार्ता आयोजित की जाएगा। इसके जरिए ये महिला नेता जनता को सच्चाई बताएंगी और भाजपा के राजनीतिक षड्यंत्र को उजागर करेंगी।

कांग्रेस ने कहा कि पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुए विधेयक के तहत तुरंत महिलाओं को उनका हक़ और आरक्षण देने की मांग करती है, जबकि भाजपा इसे परिसीमन और जनगणना की शर्तों में उलझाकर टाल रही है।
लिस्ट मे किसका-किसका नाम?
राजस्थान कांग्रेस ने जो लिस्ट जारी की है उसमें श्री गंगानगर में शबनम गोदारा, हनुमानगढ़ में शिमला देवी नायक, बीकानेर में कृष्णा पूनिया, चूरू में रीटा चौधरी, झुंझुनूं सोना बावरी, सीकर-नीमकाथाना में शकुंतला रावत, कोटपुतली-बहरोड़ में जाहिदा खान, डीग और भरतपुर में ममता भूपेश, दौसा में इंदिरा मीणा, टोंक में अनीता जाटव, जोधपुर से संगीता बेनीवाल, बाड़मेर-बालोतरा में गीता बरवड़ प्रेस कांफ्रेंस करेंगी।
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने मंगलवार को जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस में भी कहा कि महिला विरोधी होने के चलते बीजेपी सरकार ने 2023 में बिल पारित होने के बाद भी 30 महीने तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। बीजेपी सरकार संसद में सीटें बढ़ाने के बाद ही क्यों महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है? अब आगामी मानसून सत्र में महिला कांग्रेस NDA सरकार पर सदन में दवाब बनाएगी और इसे कानून बनाने की मांग करेगी। इसके लिए महिला कांग्रेस देशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी।
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