राजस्थान के इतिहास से भी बैर! अब नवीं से 12वीं तक नहीं पढ़ाया जाएंगी हिस्ट्री बुक्स

राजस्थान के इतिहास से भी बैर! अब नवीं से 12वीं तक नहीं पढ़ाया जाएंगी हिस्ट्री बुक्स
राजस्थान
17 Apr 2026, 12:00 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

राजस्थान सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सिफारिश पर स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई जाने वाली 'राजस्थान इतिहास' की 4 किताबें बंद कर दी है। अब इन्हें इतिहास नहीं पढ़ाया जाएगा। ये चारों किताबें सत्र 2020-21 में कांग्रेस सरकार के दौरान लागू की गई थीं। तब NCERT सिलेबस के साथ हर क्लास में राजस्थान के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी एक्स्ट्रा किताबें जोड़ी गई थीं। हालांकि, इनका एग्जाम नहीं होता था।

इन किताबों को सिलेबस से हटाया गया

ये किताबें जब लागू कराई जा रही थी, तब कांग्रेस सरकार ने तर्क दिया था कि राजस्थान के इतिहास और संस्कृति का जिक्र कम है। इसलिए 'राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन और शौर्य परंपरा' जैसी किताबें शुरू की गई। समाज शिक्षा के उप निदेशक अशोक पारीक के मुताबिक इन पुस्तकों को हटाने का प्रस्ताव शिक्षा बोर्ड से मिला था।

-माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का कहना है कि ये किताबें 'नो-मैन्स लैंड' में थीं। सिर्फ कागज की बर्बादी थी।

-कक्षा 9 की जो किताब हटाई गई है उसका नाम ‘राजस्थान का स्वतंत्रता आंदोलन एवं धरोहर’ है।

-वहीं कक्षा 10 से ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’

-कक्षा 11 से ‘आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत-भाग 1’

-कक्षा 12 से आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत-भाग 2 हटाई गई हैं।

डोटासरा ने बताया बीजेपी की साजिश

वहीं इन किताबों को हटाने पर कांग्रेस ने बीजेपी पर करारा हमला किया है। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि “चार पुस्तकों को विलोपित करना सोच को नियंत्रित करने की साजिश है। किताबों को बंद करने के पीछे भाजपा का मकसद प्रदेश की पूरी एक पीढ़ी को आधा-अधूरा सच से वंचित करना है।“

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