JJM महाघोटाला: 20 हज़ार करोड़ के खेल की जद में 50 अफसर-नेता, पूर्व कांग्रेस सरकार के CMO तक पहुंचेगी जांच?

JJM महाघोटाला: 20 हज़ार करोड़ के खेल की जद में 50 अफसर-नेता, पूर्व कांग्रेस सरकार के CMO तक पहुंचेगी जांच?
राजस्थान
11 Apr 2026, 10:41 am
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Rajasthan JJM Scam: राजस्थान का जल जीवन मिशन पानी देने के नाम पर पानी की तरह बहाया गया पैसा साबित हुआ और अब 20,000 करोड़ के इस महाघोटाले की आग ऐसे भड़क चुकी है कि उसकी लपटें तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) कार्यालय (CMO) तक पहुंच गई हैं। क्योंकि रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल (Subodh Agarwal) समेत कई इंजीनियर्स की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ACB को इससे जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं। ACB का कहना है कि जल जीवन मिशन के 20 हजार करोड़ के टेंडरों में प्राइस वेरिएशन की शर्त हटाने, साइट विजिट की शर्त जोड़ने के अलावा चीफ इंजीनियर को सस्पेंड करने और फर्जी सर्टिफिकेट से टेंडर लेने की जानकारी उस वक्त तत्कालीन CMO में तैनात अफसरों को थी। लेकिन बावजूद इसके कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।

जानकारी के बावजूद CMO में बैठे अफसरों ने नहीं की कोई कार्रवाई

इसके अलावा टेंडरों में पूलिंग के लिए उच्च दरों का रेट जस्टिफिकेशन भी उनके आसपास बनवाया गया। जिसके बाद अब ACB ने साफ इशारा कर दिया है कि सिर्फ निचले लेवल तक बात नहीं रुकेगी। जांच ऊपर तक जाएगी और इस “ऊपर” में शामिल हैं तत्कालीन CMO के अफसर यानी मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर है।

सुबोध अग्रवाल से 125 सवाल पूछेगी ACB

दरअसल रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब घोटाले का हर पन्ना अब उनसे ही खुलवाया जा रहा है। ACB ने 125 सवालों की लिस्ट तैयार की है और 5 एडिशनल SP उनकी फाइलें नहीं बल्कि नींद उड़ा रहे हैं। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि सवाल सिर्फ इंजीनियरों या अफसरों का नहीं है। बल्कि राजनीतिक दखल तक जुड़े हुए माने जा रहे हैं। संकेत साफ है कि इस घोटाले की कड़ियां 50 से ज्यादा अफसरों, नेताओं और PHED इंजीनियरों तक फैली हैं। अगर पूरी चेन खुली तो तो कई बड़े चेहरे गिर सकते हैं। क्योंकि ACB की जांच में सामने आया है कि घोटाले में शामिल फर्मों ने इरकॉन जैसी सरकारी कंपनी के 4 फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए। शिकायत तो मिली लेकिन कार्रवाई नहीं हुई क्यों नहीं हुई। ये बड़ा सवाल सीधे सुबोध अग्रवाल के ऊपर खड़ा हो गया है। इसी मामले पर इरकॉन ने सीबीआई को रिपोर्ट भेजी और CBI ने जांच में एक और नाम—विशाल सक्सेना का ढूंढ निकाला।

वहीं ACB ने चार फरार आरोपियों जैसे जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता की अवैध संपत्तियों की सूची कोर्ट में दी। जिसके बाद कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी किए अब उनकी संपत्तियां कुर्क कराने की तैयारी शुरू हो गई है। ये सिर्फ एक घोटाला नहीं है। बल्कि ये राजस्थान की जनता के हक के पानी पर हमला है। कहा जा रहा है कि 20 हजार करोड़ का ये खेल जिस दिन पूरा खुलेगा। कई कुर्सियां हिलेंगी और कई गिरेंगी।

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