क्या सितंबर तक टलेंगे राजस्थान पंचायत निकाय चुनाव! मंत्री के बयान से हलचल

Rajasthan Panchayat Nikay Election: राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर अब बड़ा सस्पेंस खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन खत्म होने में सिर्फ 33 दिन बाकी हैं। लेकिन सरकार अभी तक ये तय नहीं कर पाई है कि चुनाव होंगे भी या नहीं। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 15 अप्रैल तक चुनाव कराने की समय सीमा तय की गई थी। लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि तय समय में चुनाव कराना मुश्किल माना जा रहा है। इसी बीच राज्य के udh मंत्री झाबर सिंह खर्रा (Jhabar Singh Kharra) का बयान भी चर्चा में है। 3 दिन पहले उन्होंने जालोर में कहा था कि चुनाव समय पर होंगे और सरकार पूरी तरह तैयार है। लेकिन फिर बीते दिन सीकर में कहा कि निकाय के चुनावों की तैयारी सितंबर तक पूरी हो पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि इससे किसी को दिक्कत है तो वो हाईकोर्ट जा सकता है। यानी अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या चुनाव भी सितंबर तक टल सकते हैं।
राज्य में चुनाव को लेकर सरकार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने कहा कि सरकार के स्तर पर सभी आवश्यक काम पूरे कर लिए गए हैं। अब राज्य निर्वाचन आयोग अपनी प्रक्रिया पूरी करते ही कभी भी चुनाव की घोषणा कर सकता है। pic.twitter.com/dImHl6WxjE
— Ashok Shera (@ashokshera94) March 14, 2026
ओबीसी आरक्षण का डेटा गलत
पंचायत निकाय चुनाव में असल अड़चन सरकार ओबीसी आरक्षण की रिपोर्ट बता रही है। आयोग का कहना है कि उनके पास जो डेटा है वो गलत है, जिसके चलते आयोग को फिर से सर्वे करना पड़ सकता है। अगर दोबारा सर्वे हुआ तो रिपोर्ट तैयार होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है।
ऐसे में 15 अप्रैल तक चुनाव कराना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में देरी के लिए दो दिन पहले पंचायती राज विभाग को लेटर लिख दिया था और इसके लिए विभाग को ही जिम्मेदार ठहराया। आयोग ने ये भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना अगर सरकार को करनी है तो करे लेकिन अगर चुनाव कराने हैं तो OBC की सीटों को जनरल मानकर चुनाव करा सकते हैं। यानी अब मामला सरकार और आयोग के बीच खींचतान तक पहुंच गया है।
मुख्य सचिव की बैठक रद्द
दूसरी तरफ इस लेटर के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को एक अहम बैठक भी बुलाई थी। लेकिन आखिरी समय पर ये भी रद्द हो गई। जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है, अब सबसे बड़ा सवाल यही है....क्या कोर्ट की तय तारीख तक राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव होंगे या फिर ये तारिख सितंबर तक जाएगी और इसके लिए सरकार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
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