‘अधूरी जानकारी है उन्हें’…राइजिंग राजस्थान पर फ्रांस के राजदूत के लेटर पर मंत्री केके बिश्नोई का खंडन

Bhajan Lal Government on France Ambassador letter: राइजिंग राजस्थान को लेकर फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ के लेटर पर अब मंत्री का बयान आया है। राज्यमंत्री केके बिश्नोई (Minister K.K. Bishnoi) ने इसे अधूरी जानकारी का हवाला देते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के इस मामले में आए बयानों पर भी हमला बोला।
फ्रांस के राजदूत को अधूरी जानकारी- केके बिश्नोई
प्रदेश के कौशल, रोजगार और उद्यमिता मंत्री (राज्यमंत्री) केके बिश्नोई ने कहा कि राइजिंग राजस्थान (Rising Rajasthan) में जमीन आवंटन की प्रक्रियाधीन जानकारी का अभाव होने की वजह से फ्रांस के राजदूत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेटर दिया। पूरी प्लानिंग के साथ काम चल रहा है। फ्रांस के राजदूत के आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा हूं और सुझाव दे रहा हूं, कई प्रक्रियाएं राइजिंग राजस्थान को लेकर चल रही हैं। अधूरी जानकारी के साथ इस पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
डोटासरा-जूली हमारी चिंता ना करें- केके बिश्नोई
केके बिश्नोई ने गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) और टीकाराम जूली (Tikaram Jully) के बयानों पर कहा कि उन्होंने इस पर जो भी टिप्पणी की वो एकदम तथ्यहीन है अधूरी जानकारी है। उन्हें, हम क्या कर रहे हैं इसकी चिंता कम करनी चाहिए। राइजिंग राजस्थान एक देश का एक मॉडल बना हुआ है। लगातार संवाद के साथ प्रत्येक निवेशक को महत्व दे रहे हैं। काम को एग्जीक्यूट कर रहे हैं क्रियान्वयन भी कर रहे हैं।
क्या आरोप है फ्रांस के राजदूत का
फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक लेटर लिखा। जिसने सरकार और नौकरशाही के बीच सामंजस्य पर फिर सवाल खड़ा कर दिया। इसमें लिखा था कि RIICO के अधिकारी अपनी लापरवाही और लेटलतीफी के चलते जमीन आवंटन में देरी कर रहे हैं। वो जमीन के रेट में मनमानी कर रहे हैं। जिसके चलते राइजिंग राजस्थान के तहत 1200 करोड़ का इंवेस्ट करने वाली फ्रांस की बड़ी कंपनी ‘सॉफ्लेट माल्ट इंडिया’ को अब तक जमीन तक नहीं मिली। इसकी ना कीमत तय हुई, ना समय पर अलॉटमेंट हुआ। उल्टा दिसंबर 2026 तक डेडलाइन और बढ़ा दी गई।
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