टीना डाबी के पास शिकायत लेकर पहुंचे विधायक, दिया ऐसा जवाब कि देखते रहे गए बड़े-बड़े अधिकारी

टीना डाबी के पास शिकायत लेकर पहुंचे विधायक, दिया ऐसा जवाब कि देखते रहे गए बड़े-बड़े अधिकारी
राजस्थान
06 May 2026, 12:57 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Tina Dabi: देश की सबसे चर्चित IAS टीना डाबी एक बार फिर सुर्ख़ियों में छा गईं हैं। इस बार उन्होंने ऐसा काम कर दिया है जिसकी चर्चा टोंक से लेकर जयपुर तक हो रही है। आधी रात को प्रशासन गांव की चौपाल पर नजर आ गया।

दरअसल मंगलवार की रात टोंक के ककोड़ गांव में टीना डाबी ने 'रात्रि चौपाल' लगाई, जहां शिकायतों का अंबार लग गया। बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे ग्रामीणों के बीच जब कलेक्टर पहुंचीं, तो 4 घंटे के भीतर 90 से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण कर दिया। लेकिन माहौल तो तब बन गया जब टीना डाबी के पास आम आदमी नहीं बल्कि विधायक पहुंच गए।

वन विभाग के रेंजर पर बजरी माफियाओं से साठ-गांठ का आरोप

देवली-उनियारा के बीजेपी विधायक राजेंद्र गुर्जर भी अपनी शिकायत लेकर आए। विधायक ने टीना डाबी के सामने वन विभाग के रेंजर पंकज शर्मा को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने भरे मंच से आरोप लगाया कि रेंजर पंकज शर्मा बजरी माफियाओं के साथ साठगांठ कर अवैध खनन को बढ़ावा दे रहे हैं।

टोंक में ज़िला कलेक्टर टीना डाबी के सामने विधायक राजेंद्र गुर्जर ने रेंजर पंकज शर्मा पर लगाये गंभीर आरोप @dabi_tina pic.twitter.com/k4nUOR9Ywn
— Hemant Kumar (@hemantkumarnews) May 6, 2026

विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था। उन्होंने कलेक्टर टीना डाबी के सामने ही कह दिया कि "साहब, गरीब अगर अपने खेत से मिट्टी उठाए तो उस पर मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, लेकिन बजरी माफिया खुलेआम सीना तानकर घूम रहे हैं क्योंकि उन्हें सिस्टम का संरक्षण प्राप्त है।" विधायक ने दावा किया कि उनके पास रेंजर और माफियाओं की मिलीभगत के वीडियो और फोटो सबूत के तौर पर मौजूद हैं।

टीना डाबी ने दिए जांच के आदेश

मौके पर मौजूद उपवन संरक्षक अनुराग महर्षि ने जब मामले को शांत कराने की कोशिश की, तो कलेक्टर टीना डाबी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए. रेंजर पंकज शर्मा अपनी सफाई देते नजर आए, लेकिन कलेक्टर के सख्त तेवरों ने साफ कर दिया कि कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीना डाबी ने चौपाल में मौजूद ADM, SDM और अन्य आला अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए। उन्होंने कहा की "गांव की समस्या का समाधान ग्रामीण स्तर पर ही होना चाहिए। किसी भी शिकायतकर्ता को छोटे-छोटे कामों के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर ना काटने पड़ें।" 4 घंटे चली इस मैराथन सुनवाई में कलेक्टर ने ना केवल समस्याएं सुनीं, बल्कि अधिकारियों को मौके पर जाकर रिपोर्ट पेश करने को भी कहा।

ये भी पढ़ें- उदयपुर में अचानक एक्शन मोड में दिखीं दिया कुमारी - अधिकारियों की बुलाई बैठक

ये भी पढ़ें- अमन कुमार शर्मा: IAS साली और जज पत्नी ने ही ली जज की जान? पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा


इस लिंक को शेयर करें

ads

लेटेस्ट खबरें

ads
© 2025 Bharat Raftar. All rights reserved. Powered By Zentek.