कंबल वापसी विवाद से गरमाई सियासत, गहलोत से बालमुकुंदाचार्य तक के बयान आए सामने

टोंक–सवाई माधोपुर के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के मुस्लिम महिलाओं से कंबल वापस लेने को लेकर उठा मामला अब गहरा राजनीतिक विवाद बन चुका है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ओर से तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
बालमुकुंद आचार्य ने दी सफाई, बोले—मामला धर्म का नहीं
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि इस मुद्दे को हिंदू–मुस्लिम की नजर से न देखा जाए। उन्होंने कहा कि "किसी भी नागरिक को प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक बात सुनना पसंद नहीं होगा। न मैं, न कोई और, और न ही करोड़ों देशवासी।"
उन्होंने कहा कि जो वीडियो वायरल हो रहा है उसे उन्होंने देखा नहीं है, लेकिन ये जरूर कहा कि कांग्रेस नेताओं का हंगामे की राजनीति करना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी के नेता देश की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं का लाभ सभी को मिलता है—चाहे राम हों या रहीम। तुष्टिकरण भारतीय जनता पार्टी की नीति का हिस्सा नहीं है।
अशोक गहलोत का पलटवार—‘देश की दिशा पर सवाल’
इस पूरे विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी जौनपुरिया की कार्रवाई की निंदा की। गहलोत ने कहा कि पूर्व सांसद की हरकत से यह सवाल उठता है कि देश किस दिशा में जा रहा है। साथ ही उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती है और सत्ता पक्ष के विधायकों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस का जवाब—“नफरत का जवाब मोहब्बत से”
मामले को लेकर कांग्रेस ने अलग रुख अपनाया है। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने बताया कि जिन महिलाओं से कंबल वापस लिए गए थे, उन्हें नए कंबल देकर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि
मंगलवार सुबह 11 बजे टोंक में सर्वधर्मीय महिलाओं को कंबल बांटे जाएंगे ताकि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया जा सके। चोपदार ने कहा कि कंबल छीनने की नफरत का जवाब हम मोहब्बत से देंगे। समाज को जोड़ने का काम कांग्रेस हमेशा करती आई है।
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