Udaipur Files: पुलिस की चार्जशीट में फेल हुई AI वीडियो की थ्योरी! 3 दर्जन वीडियो में आपत्तिजनक हालत कैद

Udaipur Files: पुलिस की चार्जशीट में फेल हुई AI वीडियो की थ्योरी! 3 दर्जन वीडियो में आपत्तिजनक हालत कैद
राजस्थान
29 Mar 2026, 04:12 pm
रिपोर्टर : Jyoti Sharma

Udaipur Files: उदयपुर का चर्चित ‘उदयपुर फाइल्स’ मामला अब नए मोड़ पर आ गया है। पुलिस ने 44 दिन बाद चार्जशीट फाइल की है। जिसमें नए सवाल, नए खुलासे हुए हैं। इसमें भी सबसे बड़ा झटका लगा है AI वीडियो को लेकर। क्योंकि पुलिस को उसमें एक भी सुबूत नहीं मिला। ऐसे में सवाल है कि ये दो–ढाई दर्जन वीडियो आए कहां से? किसने बनाए? और 12 फोल्डरों में भरकर इन्हें किस मंशा से रखा गया? आज की रिपोर्ट… सीधी, तीखी… और बिना किसी लाग-लपेट के।

AI वीडियो का दावा फेल, कोई सबूत नहीं मिला

दरअसल भूपालपुरा थाना पुलिस ने FIR के 44 दिन बाद अदालत में चार्जशीट दायर की। चार्जशीट में साफ लिखा है कि आरोपी के पास से 12 फोल्डर्स मिले, जिनमें 2 से 3 दर्जन तक संदिग्ध क्लिप्स मौजूद थीं। ये सारी क्लिप्स आरोपी के ऑफिस की थीं। शुरुआत से दावा किया गया कि वीडियो AI से बनाए गए, ब्लैकमेलिंग के लिए तैयार हुए। लेकिन पुलिस ने पूरी जांच के बाद चार्जशीट में लिखा कि AI का एक भी ठोस प्रमाण नहीं मिला। चार्जशीट पर ना ही किसी वीडियो पर शक जताया गया, ना ही FSL भेजने की बात उठाई। इस मामले पर कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर वीडियो AI-जनरेटेड होते, तो तकनीकी जांच तो बेहद जरूरी थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

कैसे हुई वीडियो रिकॉर्डिंग?

अब इस चार्जशीट के बड़े खुलासे आपको बताते हैं। पहला- आरोपी ने डिजिटल वॉच वाला स्पाई कैमरा खरीदा। इस कैमरे के एंगल उसने खुद सेट किए। रिकॉर्डिंग को मेमोरी कार्ड से मोबाइल में ट्रांसफर किया। फिर मोबाइल में अलग–अलग फोल्डर बनाकर सबकुछ सेव कर लिया। ये मेमोरी कार्ड था 32GB का और उसमें मिले कई वीडियो में महिला कभी बातचीत करती दिखी, कभी सामान सेट करती और कई क्लिप्स में आपत्तिजनक स्थिति भी रिकॉर्ड हुईं।

वीडियो में महिला के साथ अज्ञात पुरुष

इनमें मिले कई वीडियो में एक ‘अज्ञात पुरुष’ भी दिखा। अब कौन है ये? और ये क्लिप्स क्यों सेव थीं? चार्जशीट के बाद अब यही सबसे बड़ा सवाल है। इसमें सबसे खास बात पता है आपको क्या रही? वो ये कि स्पाई कैमरा बेचने वाला दुकानदार भी पुलिस का गवाह बना। ये भी सामने आया कि आरोपी के फोन में स्पाई कैमरा खरीदने और इस्तेमाल से जुड़े कई URL सर्च किए गए थे।

अब पुलिस की चार्जशीट तो आ चुकी है लेकिन कहानी अभी खत्म नहीं हुई। चार्जशीट के हिसाब से AI वाली थ्योरी तो ढह चुकी है, वीडियो की गिनती में अभी भी सस्पेंस है। वहीं उन फुटेज में दिख रहा ‘अज्ञात शख्स’ बड़ी पहेली बन रहा है। इन सबकी वजह से मामला और उलझ गया है। ‘उदयपुर फाइल्स’ अब यह सिर्फ वीडियो केस नहीं बल्कि एक हाई–प्रोफाइल पेचीदा पहेली बन चुका है।

क्या है उदयपुर फाइल का ये केस?

ये पूरा मामला दो-ढाई साल पुराना है। जो इस मामले में आरोपी है वो सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और बीजेपी से जुड़ी पोस्ट को अपलोड करता था। इस दौरान उसकी मुलाकात पीड़िता से हुई। अब मामला है कि आरोपी ने पहले पीड़ित लड़की से दोस्ती की और फिर उसे बिना बताए कुछ प्राइवेट वीडियो रिकॉर्ड किए।

पीड़िता का कहना है कि इन वीडियो को लेकर आरोपी ने उसे ब्लैकमेल किया और उसी के बल पर बार-बार कई बार उसका रेप किया और तो और पैसों की मांग की। इस मुद्दे पर बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का मिलेजुले होने का आरोप लग रहा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी के नेता से आरोपी का मिलना-जुलना है।


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