वसुंधरा राजे के नाम से वायरल फर्जी पत्र का तूफान! कांग्रेस IT सेल के 3 कार्यकर्ता गिरफ्तार, गहलोत बोले – मुझे कुछ नहीं पता

Vasundhara Raje Fake Letter: पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए फर्जी पत्र को लेकर राजस्थान की राजनीति में नया तूफान खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। फर्जी लैटर को लेकर पुलिस ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे सत्ता का दुरुपयोग करार देते हुए इसका विरोध जताया है। दूसरी तरफ जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर अशोक गहलोत से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक फर्जी लैटर वायरल हो गया था, जो RSS प्रमुख मोहन भागवत के नाम था। इसमें लिखा था कि भाजपा अपनी मूल दिशा से भटक रही है और महिला आरक्षण बिल और परिसीमन के नाम पर अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पिछड़े वर्गों के खिलाफ साजिश रची जा रही है। पत्र वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा छा गई। कई कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर भाजपा को घेरा और पार्टी पर सवाल उठाए।
इसी को लेकर 19 अप्रैल को वसुंधरा राजे ने खुद एक्स पर सफाई दी। उन्होंने लिखा - सांच को आंच की जरूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को समान भागीदारी देने के प्रयास का देश की हर महिला स्वागत कर रही है। राजे ने साफ कहा कि महिला शक्ति को कोई रोक नहीं सकता।
भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला मामले की जांच कर रहा है और साजिश रचने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने पार्टी के महिला सशक्तिकरण रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए वसुंधरा राजे को प्रभावी मुख्यमंत्री और दीया कुमारी को उपमुख्यमंत्री बनाने का उदाहरण दिया।
मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के कांग्रेस पार्टी के IT सेल कर्मचारियों को आरोपी करार देते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस पर कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने नाराजगी जताई। एक्स पर उन्होंने लिखा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल के हमारे तीन कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से गिरफ्तार कर 24 घंटे से अधिक पुलिस हिरासत में रखना निंदनीय है। यह लोकतंत्र और कानून के खिलाफ है। असहमति की आवाज दबाने का यह तरीका स्वीकार्य नहीं। हमारी मांग है कि कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और निष्पक्ष जांच हो। चौधरी ने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस कोर्ट जाएगी।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस घटना से भाजपा-कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ रहा है। फर्जी पत्र के बाद दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और आगे की घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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