डिजिटल वसीयत: आपकी मौत के बाद कौन हैंडल करेगा आपका सोशल मीडिया अकाउंट, अब खुद कर सकेंगे ऐलान

Digital Will: क्या आपको भी ये डर सताता है कि आपकी मौत के बाद आपका Facebook, Instagram या X जैसे सोशल मीडिया अकाउंट कौन संभालेगा? क्या आपकी Google Photos (गूगल फोटोज़), ईमेल (E-mail) और ड्राइव में रखी जिंदगी भर की यादें किसी भरोसेमंद शख्स तक पहुंचेंगी या डेटा हमेशा के लिए लॉक हो जाएगा?
इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए अब केंद्र सरकार काम कर रही है। सरकार अब इसके लिए डिजिटल वसीयत (Digital Will) की नई व्यवस्था लेकर आ रही है। इसमें आपकी ऑनलाइन पहचान और डिजिटल डेटा भी उसी तरह सुरक्षित किया जाएगा जैसे आप अपनी प्रॉपर्टी और दस्तावेज़ों को वसीयत में दर्ज करते हैं। इसके लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने काम करना शुरू कर दिया है। जल्द ही इसका औपचारिक ढांचा लागू किया जाएगा। लेकिन ये कैसे होगा, कैसे काम करेगा, आप कैसे अपनी डिजिटल वसीयत बनाएंगे, ये ही हम आपको बता रहे हैं।
डिजिटल वसीयत में क्या शामिल होगा?
डिजिटल विल में आपके सोशल मीडिया अकाउंट्स होंगे। आप इनका कानूनी ‘वारिस’ तय पाएंगे। अब आप अपनी डिजिटल वसीयत में ये लिख पाएंगे कि आपकी मौत के बाद आपका फेसबुक, Instagram, YouTube, X अकाउंट कौन संभालेगा। कौन उसे मैनेज करेगा? कौन डिलीट या मेमोरियल मोड में रखेगा, किसे लॉजिकल एक्सेस मिलेगा, ये सब कुछ अब आप कानूनी तौर पर तय करेंगे। इसका मतलब आपका ऑनलाइन अस्तित्व अब अनाथ नहीं रहेगा।

इसके अलावा आपकी गूगल फोटोज़, जीमेल और ड्राइव फाइलों का सुरक्षित ट्रांसफर भी हो पाएगा। आपकी डिजिटल यादें अब परिवार के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगी। गूगल फोटोज़ में स्टोर तस्वीरें, जीमेल अकाउंट में मौजूद मेल, ड्राइव में सेव डॉक्यूमेंट और प्राइवेट फाइलें आपके ही नॉमिनेट किए शख्स के पास ही रहेगा। उसे इन सभी का वैध एक्सेस मिलेगा।
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डिजिटल डेटा को मिलेगा “प्रॉपर्टी” का दर्जा
भारत सरकार ने पहली बार स्वीकार किया है कि ऑनलाइन डेटा भी व्यक्ति की विरासत है। इसी वजह से डिजिटल एसेट्स को भी लीगल इनहेरिटेंस में शामिल किया जा रहा है। ऐसे में इसे डिजिटल इंडिया मिशन के तहत ही तैयार किया जा रहा है।
-आपके आधार कार्ड और ई-साइन से डिजिटल वसीयत तैयार की जाएगी।
-सोशल मीडिया, ईमेल और क्लाउड डेटा के लिए एक शख्स का नाम आप नॉमिनेट करेंगे।
-ये डेटा सरकारी डिजिटल वॉल्ट में सुरक्षित रहेगा।
-आपकी मौत की पुष्टि के बाद वसीयत एक्टिव होगी और फिर नॉमिनेट व्यक्ति को एक्सेस ट्रांसफर किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल संपत्तियों पर नियंत्रण की समस्या खत्म होगी और परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

क्यों जरूरी हो गई डिजिटल वसीयत?
दरअसल आज के दौर में हर एक शख्स का डिजिटल footprint है। जैसे सोशल मीडिया, बैंकिंग, फाइलें, फोटो। मौत के बाद अकाउंट एक्सेस के लिए परिवार को कंपनियों से लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। कई मामलों में तो डेटा हमेशा के लिए लॉक हो जाता है। ऐसे में ये डिजिटल एसेट्स के विवाद को खत्म करने के लिए सरकार का ये बड़ा कदम साबित हो सकता है। अब तकनीकी प्लेटफॉर्म और नियमों को फाइनल करने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
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