'छात्र राजनीति पर बैन, 5वीं तक एग्जाम खत्म, विदेशी नाम वाले स्कूलों पर रोक' - नेपाल PM बनते ही बालेन शाह ने किए ये बड़े बदलाव

'छात्र राजनीति पर बैन, 5वीं तक एग्जाम खत्म, विदेशी नाम वाले स्कूलों पर रोक' - नेपाल PM बनते ही बालेन शाह ने किए ये बड़े बदलाव
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29 Mar 2026, 07:37 pm
रिपोर्टर : Dushyant

Balen Shah New Rules and Education Reform: बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री बनते ही शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। बालेन सरकार ने ‘100 दिन एक्शन प्लान’ के तहत छात्र राजनीति पर बैन लगा दिया है। अब स्कूलों, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज में किसी भी पॉलिटिकल ग्रुप से जुड़े छात्र संगठन अपना प्रचार नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, 5वीं क्लास तक कोई एग्जाम्स नहीं होंगे। साथ ही, नेपाल के स्कूल ‘ऑक्सफ़ोर्ड’ जैसे बाहरी नाम नहीं रख पाएँगे।

(Nepal Student Politics Ban) बालेन शाह की सरकार ने शनिवार देर रात ये नए नियम जारी किए। इन नियमों के तहत, शिक्षण संस्थान पढने के लिए है। इसलिए अब वहां राजनीति का अखाड़ा नहीं, बल्कि सिर्फ ज्ञान के केंद्र रहेंगे। बालेन शाह सरकार का कहना है कि स्टूडेंट पॉलिटिक्स और छात्र संगठनों के कामों से पढ़ाई पर गहरा असर पड़ता है, इसलिए सभी संस्थाओं को अगले 60 दिनों में इनसे जुडी सभी चीज़ें और गतिविधियाँ अपने कैंपस से हटानी होंगी। इसकी जगह अगले 90 दिनों में कॉलेज, यूनिवर्सिटी में गैर-राजनीतिक ‘स्टूडेंट काउंसिल’ बनानी होंगी, जो छात्रों की असली समस्याओं को हल करेंगी।

अन्य प्रमुख फैसले:

इसके अलावा भी कई बड़े फैसले लिए गए हैं, जो छात्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अच्छी कोशिश मानी जा रही है। जैसे कि

  • कक्षा 5 तक की पढ़ाई में होने वाली परीक्षाएं खत्म। अब एग्जाम की जगह वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली लागू होगी।
  • नेपाल में विदेशी नाम से चलने वाले स्कूलों (जैसे ऑक्सफोर्ड, सेंट जेवियर्स) को इसी साल में अपना नाम बदल कर नेपाली नाम अपनाना अनिवार्य होगा।
  • स्नातक (Graduation) तक की पढ़ाई के लिए नेपाली नागरिकता की अनिवार्यता ख़त्म कर दी गयी है। यानि, अब नेपाल के बाहर के स्टूडेंट्स भी नेपाल से ग्रेजुएशन कर सकेंगे।
  • विश्वविद्यालयों के एग्जाम के रिजल्ट्स घोषित होने में कोई देरी नहीं हो, इसके लिए एक सख्त एजुकेशन कैलेंडर लागू किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा राजनीति के दखल और चंगुल से आज़ाद रहे और बच्चे अपनी पढाई पर ध्यान दें। साथ ही, नेपाल की राष्ट्रीय पहचान भी मजबूत हो। बालेन शाह के इस कदम से लाखों छात्रों को समय पर डिग्री मिलने और उनके विदेश जाने के कम होने की उम्मीद है।

बालेन शाह के इस 100 दिन के प्लान को नेपाल में शिक्षा क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कुछ छात्र संगठन ऐसे भी हैं, जो इस फैसले का विरोध करने की तैयारी में हैं।


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