SUN, 30 NOVEMBER 2025

Shooting Near White House: व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी: अफगानी शरणार्थी ने दो जवानों को मारी गोली, ट्रंप ने आतंकी करार देते हुए अफगानी शरणार्थियों की एंट्री रोकी

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अंतरराष्ट्रीय
27 Nov 2025, 06:29 pm
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रिपोर्टर : Dushyant

Shooting Near White House, Washington DC: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में स्थित व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी हुई, जिसमें हमलावर ने दो नेशनल गार्ड्स को गोली मार दी। बुधवार 26 नवम्बर को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 2:15 बजे फैरागुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक हमलावर ने नेशनल गार्ड के दो जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में एक महिला जवान को छाती और सिर में गोली लगी, जबकि दूसरे जवान को भी गंभीर चोटें आईं। हमलावर की पहचान अफगानी शरणार्थी रहमानुल्लाह लाकनवाल के तौर पर हुई है।


घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद तीसरे सोल्जर ने हमलावर पर चार गोलियां चलाईं, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। हमलावर को पकड़ने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। यूएस सीक्रेट सर्विस, एटीएफ और जॉइंट डीसी टास्क फोर्स की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और इलाके को सील कर दिया।


जांच में सामने आया कि हमलावर रहमतुल्लाह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और अप्रैल 2025 में उसे शरणार्थी का दर्जा मिला था। अधिकारियों का मानना है कि यह सुनियोजित हमला था, क्योंकि लकनवाल ने स्टेशन के पास घंटों इंतजार किया था। विभाग ने इसे संभावित आतंकी घटना करार देते हुए जांच शुरू कर दी है। अभी तक हमले के पीछे कोई स्पष्ट मकसद सामने नहीं आया है, लेकिन जाँच अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्रीय तनाव से जुड़ा हो सकता है।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए हमलावर को 'जानवर' करार दिया और कहा, यह पूरी मानवता और राष्ट्र के खिलाफ अपराध है। ट्रम्प ने हमले को आतंकी हमला करार दिया और जाँच पूरी होने तक अमेरिका में अफगानी शरणार्थियों का प्रवेश रोक दिया गया है। ट्रंप ने नेशनल गार्ड और सुरक्षा बलों की तारीफ की तथा पेंटागन को निर्देश दिया कि वाशिंगटन डीसी में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड जवान तैनात किए जाएं।


यह घटना वाशिंगटन में नेशनल गार्ड की तैनाती को लेकर चल रही बहस के बीच हुई है। अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने अपराध बढ़ने का हवाला देकर डीसी पुलिस को संघीय नियंत्रण में ले लिया था और आठ राज्यों से गार्ड यूनिट्स बुलाई थीं। हालांकि, एक महीने बाद आदेश रद्द हो गया, लेकिन जवान बने रहे। पिछले सप्ताह एक अदालत ने तैनाती समाप्त करने का आदेश दिया था, लेकिन अपील के चलते 21 दिनों के लिए रोक लग गई। इसी बीच यह हमला हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही है।


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